मानसून की बारिश में नमी के कारण बाथरूम की सफाई करना मुश्किल होता है। लगातार पानी और नमी के कारण टाइल्स के कोनों, ग्राउट और शॉवर के आसपास फफूंदी जम सकती है। इसके साथ साबुन की लेयर, पानी के दाग और सीलन की बदबू भी बाथरूम को गंदा और अनफ्रेश बना देती है। कई बार रोज सफाई करने के बाद भी ये दिक्कतें बनी रहती हैं, क्योंकि नमी और गंदगी ऐसी जगहों पर छिपी रह जाती है जहां हमारा ध्यान आसानी से नहीं जाता। इसलिए बारिश के मौसम में बाथरूम की डीप क्लीनिंग पर खास ध्यान देना चाहिए।
बाथरूम को साफ रखने के लिए सिर्फ फर्श धोना या शीशा चमकाना काफी नहीं है। टाइल्स, ग्राउट, नालियों, कोनों और इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजों की भी अच्छी तरह सफाई जरूरी है। यदि आपके बाथरूम में भी मानसून आते ही फफूंदी और सीलन की बदबू बढ़ जाती है, तो ये आसान डीप क्लीनिंग टिप्स जरूर आजमाएं।
मानसून में बाथरूम की टाइल्स और ग्राउट में साबुन की परत, गंदगी और पानी से बने सफेद निशान जल्दी जमा हो सकते हैं। सफाई करते समय खासतौर पर ग्राउट की लाइनों पर ध्यान दें, क्योंकि यहां नमी और गंदगी आसानी से फंस जाती है। सही बाथरूम क्लीनर और एक अच्छे ब्रश की मदद से टाइल्स को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। सफाई के बाद साफ पानी से धोएं और फर्श व दीवारों को अच्छी तरह सुखा दें।
ग्राउट की लाइन, शॉवर के आसपास के कोने और जहां पानी ज्यादा देर तक जमा रहता है, वहां फफूंदी जल्दी लग सकती है। अगर फफूंदी के छोटे-छोटे निशान दिखाई दें तो उन्हें क्लीनर और पानी की मदद से अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। इसके बाद उस जगह को पूरी तरह सूखने दें। फफूंदी को सिर्फ पेंट या किसी दूसरी चीज से ढकने की बजाय पहले उसकी सफाई करना जरूरी है।
यदि बाथरूम में लगातार सीलन की बदबू आ रही है, तो सिर्फ रूम फ्रेशनर से उसे छिपाने की कोशिश न करें। पहले पता लगाएं कि बदबू कहां से आ रही है। ज्यादा नमी, बंद बाथरूम, फफूंदी, गीली जगह या पानी का लीकेज इसकी वजह हो सकता है। नाली और सिंक के आसपास की जगह साफ करें और सिंक के नीचे भी किसी तरह के लीकेज की जांच करें। गीली सतहों को पोंछकर सूखा रखना भी जरूरी है।
मानसून में बाथरूम को सूखा रखने के लिए हवा का आना-जाना बहुत जरूरी है। नहाते समय और उसके बाद कुछ देर तक एग्जॉस्ट फैन चलाएं। अगर बाहर का मौसम ठीक है तो खिड़की भी खोल सकते हैं, ताकि अंदर की नमी बाहर निकल सके। अगर घर में नमी बहुत ज्यादा रहती है, तो डीह्यूमिडिफायर की मदद से भी नमी को कम किया जा सकता है।
बाथरूम की सफाई करते समय बाथ मैट, शावर कर्टेन और टॉवेल को नजरअंदाज न करें। ये चीजें पानी सोखती हैं और लंबे समय तक गीली रहने पर इनमें सीलन की बदबू आ सकती है। इन्हें समय-समय पर धोएं और इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह सुखाएं। गीले तौलिये और मैट को फर्श पर छोड़ने की बजाय ऐसी जगह फैलाकर रखें जहां हवा आसानी से आती-जाती हो।
बाथरूम की डीप क्लीनिंग के बाद इसे साफ और ऑर्गेनाइज रखने पर ध्यान दें। शीशा साफ करें, काउंटर से बेकार सामान हटाएं और टॉयलेटरीज को सही जगह पर रखें। साफ और सूखे टॉवेल रखें और चाहें तो बाथरूम में छोटा पौधा या हल्की खुशबू वाली चीज रख सकते हैं। इससे साफ-सफाई के बाद बाथरूम ज्यादा फ्रेश और आरामदायक नजर आएगा।