Adani Enterprises FPO: अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) करीब 20,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाने के लिए इस महीने के अंत तक मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास डॉक्यूमेंट जमा करा सकती है। इस मामले से वाकिफ इंडस्ट्री के कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। बता दें कि अडानी एंटरप्राइजेज, अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी की अगुआई वाले अडानी ग्रुप की सबसे प्रमुख कंपनी है। कंपनी के इस कदम को बंदरगाह से लेकर बिजली तक के कारोबार में मौजूद अडानी ग्रुप की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं को पूरा करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले कुछ सालों में एक्सचेंजों पर भारी तेजी देखी गई है।
एक सूत्र ने बताया, "FPO के लिए रोडशो दिसंबर में शुरू हुआ था और यह अभी भी चल रहा है। अडानी एंटरप्राइजेज अगले कुछ हफ्तों में सेबी के पास इससे जुड़े डॉक्यूमेंट जमा कर सकती है।"
दो अन्य सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि किया और मनीकंट्रोल को बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को 31 मार्च 2023 से पहले पूरी करने की योजना है। हालांकि FPO को लॉन्च करने की तारीख का अंतिम फैसला बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की भूख को देखकर लिया जाएगा।
इनमें से एक सूत्र ने इसे विस्तार से बताते हुए कहा, "आमतौर पर ऐसे बड़े इश्यू तब जारी किए जाते हैं, जब कंपनी निवेशकों का एक बड़ा और अधिक विविध आधार चाहती हैं। अडानी एंटरप्राइजेज खुदरा हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) को भुनाने की कोशिश करेगी। साथ ही वे स्टॉक में अधिक तरलता भी चाहते हैं। FPO से मिली रकम का इस्तेमाल कैपिटल ग्रोथ में किया जाएगा। साथ ही ये भी नहीं भूलना चाहिए कि अडानी एंटरप्राइजेज एक इनक्यूबेटर भी है, जो अपने तहत बहुत सारे एसेट्स को खरीद सकती है।
एक चौथे व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया कि शुरुआत में सिर्फ ICICI सिक्योरिटीज और जेफरीज को ही इस डील के लिए इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर शामिल किया गया था। हालांकि हाल में कई और नाम भी जुड़े हैं। उन्होंने कहा, "एक्सिस कैपिटल, इलारा कैपिटल, SBI कैपिटल, BoB कैपिटल मार्केट्स और IDBI कैपिटल भी अब बोर्ड पर आ गए हैं और बाद में और सलाहकार जोड़े जा सकते हैं।"
मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं कर सका कि ऊपर बताए सात नामों के अलावा किसी अन्य इनवेस्टमेंट-बैंकर को भी अडानी एंटरप्राइजेज ने नियुक्त किया है या नहीं।
एक पांचवें व्यक्ति के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज सेबी के "फास्ट-ट्रैक एफपीओ" सिस्टम के तहत इस इश्यू को लॉन्च करना चाह रहा है। SEBI ने 9 जून, 2020 को एक सर्कुलर जारी कर शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों को अपने फारवर्ड पब्लिक ऑफर में तेजी लाने से जुड़े नियमों में ढील दी थी। खबर लिखे जाने तक अडानी ग्रुप की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
शेयर बाजार में जब किसी कंपनी को सूचीबद्ध होता है, तो वह अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाती है। एक बार शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद जब कंपनी अपने निवेशकों को नए शेयर जारी करना चाहती है, तो वह FPO यानी फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर की प्रक्रिया अपनाती है। यह अतिरिक्त इक्विटी पूंजी जुटाने का एक तरीका है जो कंपनी की अपने कारोबार को चलाने या उनकी विस्तार योजनाओं को पूरा करने में मदद करता है।