Air India-Vistara Merger: सरकार ने एयरलाइन एयर इंडिया और विस्तारा के विलय की आखिरी रुकावट को भी दूर कर दिया है। सिंगापुर एयरलाइंस को एयर इंडिया के साथ विस्तारा के प्रस्तावित विलय के हिस्से के रूप में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। सिंगापुर एयरलाइंस, टाटा ग्रुप के साथ मिलकर विस्तारा का संचालन करती है। यह मंजूरी मिलने के साथ ही इस विलय के इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
विस्तारा के एयर इंडिया में विलय के बाद सिंगापुर एयरलाइंस को एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल होगी। कहा जा रहा है कि इस सौदे के बाद एयर इंडिया, दुनिया के सबसे बड़े एयरलाइन समूहों में से एक होगी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड 36 करोड़ सिंगापुर डॉलर (27.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का निवेश करेगी
नवंबर 2022 में हुई थी विलय की घोषणा
इस प्रस्तावित विलय की घोषणा नवंबर 2022 में की गई थी। विलय को जून में नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) ने मंजूरी दी थी। एयर इंडिया का मालिकाना हक भी टाटा समूह के पास है। विस्तारा में फिलहाल टाटा ग्रुप की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और सिंगापुर एयरलाइंस की 49 प्रतिशत है। विलय के तहत प्लेन्स, स्टाफ और रूट सभी का मर्जर होगा।
केवल 11 नवंबर तक ही मौजूद रहेंगी विस्तारा फ्लाइट्स
विस्तारा 11 नवंबर 2024 तक फ्लाइट्स को ऑपरेट करेगी। इसके बाद एयर इंडिया द्वारा ऑपरेशंस को एक किया जाएगा। विस्तारा का कहना है कि कस्टमर 12 नवंबर को या उसके बाद ट्रैवल करने के लिए 3 सितंबर से विस्तारा की फ्लाइट बुक नहीं कर सकेंगे। 11 नवंबर के बाद सभी विस्तारा प्लेन्स एयर इंडिया द्वारा ऑपरेट किए जाएंगे। ये प्लेन जिन रूट्स पर उड़ान भरते हैं, उनके लिए बुकिंग एयर इंडिया की वेबसाइट पर रीडायरेक्ट की जाएंगी।