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Amul की पेरेंट कंपनी GCMMF का FY25 में रेवेन्यू 11% बढ़ा, सभी प्रोडक्ट कैटेगरीज में डबल डिजिट में ग्रोथ

GCMMF किसानों के मालिकाना हक वाली दुनिया की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था है। इसके गुजरात के 18,600 गांवों में 36 लाख किसान हैं और इसके 18 सदस्य संघ प्रतिदिन 300 लाख लीटर दूध खरीदते हैं। कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए क्षमता का विस्तार करना जारी रखेगी

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 02, 2025 पर 7:35 PM
Amul की पेरेंट कंपनी GCMMF का FY25 में रेवेन्यू 11% बढ़ा, सभी प्रोडक्ट कैटेगरीज में डबल डिजिट में ग्रोथ
GCMMF का कारोबार वित्त वर्ष 2023-24 में 8 प्रतिशत बढ़कर 59,259 करोड़ रुपये रहा था।

‘अमूल’ ब्रांड के तहत डेयरी प्रोडक्ट्स की बिक्री करने वाली गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF) ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में अपने कारोबार में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। मुख्य रूप से सभी कैटेगरीज में वॉल्यूम में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का कारोबार बढ़कर 65,911 करोड़ रुपये हो गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने यह जानकारी दी। GCMMF का कारोबार वित्त वर्ष 2023-24 में 8 प्रतिशत बढ़कर 59,259 करोड़ रुपये रहा था।

मेहता का कहना है, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान हमारा रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़कर 65,911 करोड़ रुपये हो गया। हमने सभी प्रोडक्ट कैटेगरीज में डबल डिजिट में वृद्धि हासिल की है।’’ GCMMF किसानों के मालिकाना हक वाली दुनिया की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था है। इसके गुजरात के 18,600 गांवों में 36 लाख किसान हैं और इसके 18 सदस्य संघ प्रतिदिन 300 लाख लीटर दूध खरीदते हैं। ये 18 सदस्य संघ GCMMF नेटवर्क का इस्तेमाल किए बिना सीधे अपने स्थानीय बाजारों में अमूल डेयरी प्रोडक्ट्स बेचते हैं।

पिछली 2 तिमाहियों में अच्छी ग्रोथ

GCMMF के बारे में बताते हुए मेहता ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 की पिछली दो तिमाहियों में अच्छी ग्रोथ हुई है। कारोबार में बढ़ोतरी काफी हद तक वॉल्यूम में हुई वृद्धि से प्रेरित थी। कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की। उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में ही उत्पादन की लागत में वृद्धि के कारण दूध की कीमतें बढ़ाई गई थीं। इस साल जनवरी में, GCMMF ने उपभोक्ताओं को बड़े पैक खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पूरे भारत में एक लीटर पैक की कीमतों में 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी। मेहता को उम्मीद है कि मजबूत उपभोक्ता मांग के कारण चालू वित्त वर्ष 2025-26 में ग्रोथ की रफ्तार बरकरार रहेगी। कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए क्षमता का विस्तार करना जारी रखेगी।

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