अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 5:01 PM
अनंत अंबानी ने कहा कि कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है


उन्होंने कहा, "हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।" उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

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चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

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कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

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