Kotak Mahindra Bank Fraud Case: केंद्रीय एजेंसी ईडी (ED) ने पंचकूला नगर निगम के पैसों के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹131.33 करोड़ की संपत्ति अटैच यानी कुर्क की है। इसके अलावा ईडी ने नौ आरोपियों के खिलाफ प्रॉसीक्यूशन कंप्लेन्ट भी दर्ज की है। सीएनबीसी-टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने फर्जीवाड़े मामले में 5 अगस्त को इस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दी। ईडी ने बताया कि जो एसेट्स अटैच हुए हैं, उनमें से ₹12.85 करोड़ की बैंक जमा राशि और ₹118.28 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं। इस फर्जीवाड़े का कनेक्शन कोटक महिंद्रा बैंक से भी है।
एफआईआर के चार महीने के भीतर ही बड़ी कार्रवाई
फर्जीवाड़े के एक मामले में जितने पैसे के गबन का मामला सामने आया था, केंद्रीय एजेंसी ईडी के मुताबिक एफआईआर दर्ज होने के चार महीने के भीतर ही उसकी 100% वैल्यू के बराबर एसेट्स कुर्क कर गई है। यह एफआईआर पंचकूला के ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत दर्ज कराई थी।
क्या है फर्जीवाड़ा का पूरा मामला
ईडी के मुताबिक पुष्पिंदर सिंह ने कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसिडेंट रहते हुए कथित तौर पर पंचकूला नगर निगम के अधिकारी विकास कौशिक और बैंक के एक एंप्लॉयी दिलीप राघव के साथ मिलकर नगर निगम के नाम पर दो अनऑथराइज्ड अकाउंट्स खोलने की साजिश रची। केंद्रीय एजेंसी के मुताबिक इसे नगर निगम के जाली डॉक्यूमेंट्स और ऑथराइजेशंस के इस्तेमाल से खोले गए थे। इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद असली खातों से पैसे फर्जी ऑथराइजेशन लेटर्स के जरिए अनऑथराइज्ड यानी फर्जी खातों में भेज दिया गया। इसके बाद ये पैसे कई इंडिविजु्अल्स और एंटिटीज को ट्रांसफर कर दिया गया। ईडी का आरोप है कि इसमें से कुछ पैसा पुष्पिंदर सिंह और विकास कौशिक के व्यक्तिगत खातों और उनकी पत्नियों के खातों में भी भेजा गया था। बैंक के एक अधिकारी सतीश कुमार भी इस गबन में शामिल थे।
ईडी का कहना है कि पुष्पिंदर सिंह ने इन पैसों से पोर्श कायेन (Porsche Cayenne),बीएमडब्ल्यू (BMW) के कई मॉडल, दो जीप रैंगलर, एक लैंड क्रूजर और एक हार्ले-डेविडसन जैसे लग्जरी गाड़ियां खरीदी। इसके अलावा उन्होंने इन पैसों से उन्होंने घड़ियां, फर्नीचर और अचल संपत्तियां भी खरीदी गईं। ईडी का आरोप है कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पुष्पिंदर सिंह ने इन गाड़ियों को थर्ड पार्टी को बेच दिया। ईडी ने उन पर पंचकूला के सेक्टर 2 में स्थित संपत्तियों को अपनी बहन गुनीता सेठी को बेचने का भी आरोप लगाया, ताकि उनका मालिकाना हक छिपाया जा सके और PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत उनकी कुर्की को रोका जा सके।