दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी एपल इंक (Apple Inc) भारत में अपना चौथा आईफोन असेंबली यूनिट लगाने जा रही है। इस प्लांट को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) बना रही है और नवंबर से इस प्लांट में उत्पादन शुरू होने की संभावना है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्लांट तमिलनाडु के होसुर में लगाई जा रही है और यह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का दूसरा आईफोन असेंबली प्लांट होगा। इससे पहले कंपनी ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक में ताइवान की EMS कंपनी विस्ट्रॉन (Wistron) की फैक्ट्री खरीदी थी, जिसमें आईफोन असेंबल होता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्लांट 250 एकड़ में फैला है और कंपनी की यहीं से आईफोन लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। इस प्लांट में तीन साल पहले टाटा ने एक कंपोनेंट यूनिट लगाई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस प्लांट में 6,000 करोड़ रुपये निवेश कर सकती है। उसने कंपोनेंट यूनिट में भी इतनी ही रकम निवेश की है।
मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। खबर लिखे जाने तक टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एपल की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई बयान नहीं आया था।
इन प्लांट्स में 50,000 से अधिक कर्मचारी काम करेंगे, जिनमें से अधिकतर महिलाएं होंगी। अकेले असेंबली से जुड़े कार्यों के लिए 35,000-40,000 कर्मचारी रखे जाएंगे, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी फैसिलिटीज बन जाएगी।
बता दें चीन और अमेरिका के के बीच भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए एपल चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए चीन से बाहर भी अपने कई प्लांट लगा रही है, जिससे उसकी सप्लाई चेन में विविधता आए।
भारत में एपल के लिए 3 कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर आईफोन बनाती है। इनमें टाटा, पेगाट्रॉन और फॉक्सकॉन शामिल है। एपल का भारत पर फोकस बढ़ा है और यहा पर टाटा इसके लिए अहम भूमिका निभा सकती है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इस साल कुल आईफोन शिपमेंट में टाटा का हिस्सा पिछले साल के 12-14 प्रतिशत से बढ़कर 20-25 प्रतिशत होगा।
एप्पल ने सिर्फ 4 साल पहले भारत में उत्पादन शुरू किया था, लेकिन अब यह तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इनसेंविट स्कीम ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। एपल ने वित्त वर्ष 2026 तक अपनी कुल ग्लोबल आईफोन प्रोडक्शन क्षमता का करीब 10 प्रतिशत तक भारत में ट्रांसफर करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी की चौथी फैक्ट्री इस लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।