बच्चों के लिए शूज के कुछ गिने चुने ब्रांड्स बाजार में है, जैसे एक्शन, लिबर्टी, बाटा। बचपन से हमारे जहन में इन्ही ब्रांड्स ने घर बनाया है, nike, adidas,puma जैसे international gaints भी kids footwear में उतर चुके है। टेक्नोल़ॉजी, कम्फर्ट और लग्जरी का अनुभव देने वाले ये ब्रांड जेब ढिली कर देते है, इसलिए बढ़ती उम्र में महंगे शूज खरीदना परेंटेस को रास नही आता, तो कैसा हो अगर आपको पैरों की बढ़ती साइज के साथ शू साइज बढ़ने वाला शूज मिल जाए। मेड इन इंडिया ब्रांड Aretto ने एक ऐसी तकनीक तलाश की है जिससे शूज 3 size तक बड़ा बनता है।
शूज में ब्रीदेबल मटेरियल से बने, लाइटवेट, Self-Lacing Capabilities यहां तक की BLIND लोगों को रास्ता बताने वाली टेक्नोलॉजी के शूज आजतक बाजार में आएं है, लेकिन पहली बार किड्स FOOTWEAR में 3 साइज तक बढ़ने वाला शू बनाया है सत्यजीत मित्तल और कृतिका लाल ने। Aretto ब्रांड के तहत शू साइज बढ़ने वाला जूता बाजार में बिक रहा है, दिखने में स्टाइलिश इस जूते की साइज कैसे बढ़ती है इसे जानने की हमें बड़ी उत्सुकता है , जिसका समाधान किया फाउंडर Satyajit Mittal ने।
जितनी मेहनत टेक्नोलॉजी डेवलप करने में लगती है उससे ज्यादा समय और मेहनत प्रोडक्ट डेवलप कर के, ट्रायल्स लेकर प्रो़डक्ट को बाजार में बेचने के लिए तैयार करने में लगता है खासकर आप जब नया बना रहे हो, जिसे आजतक किसी ने बनाया ना हो ऐसे ही IDEA से लेकर product MARKET के लिए रेडी करने के लिए Aretto की टिम ने भी दिन रात एक कर दी।
आज के brand conscious Consumer के लिए वैल्यू फॉर मनी प्रोडक्ट देने की जिम्मेदारी फाउंडर्स पर थी। हाई क्वालिटी मटिरियल से बना Aretto शूज 1 से 11 साल के बच्चों के लिए बनाया है जिसकी कीमत 1599-1999 के बीच है। कंफर्ट, क्वालिटी, कीमत इन तीन पिलर्स के आधार पर ग्राहकों का भरोसा Aretto हासिल कर रहा है। पैरों की साइज के साथ शू साइज बढ़ने वाली टेक्नोलॉजी ग्राहकों तक पहुंच पाना कंपनी के लिए शुरूआती दिनों में काफी अहम था। कंज्यूमर को इनोवेटिव शूज के बारे में एजुकेट करना और उन तक पहुंच बनाने के लिए कंपनी ने स्कूल के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अनोखा रास्ता अपनाया।
फिलहाल कंपनी ऑनलाइन के जरिए अपनी पहुंच मार्केट में बना रही है, लेकिन भारत के कोने कोने में ब्रांड्स की पहुंच बनाने के लिए कंपनी जल्द ऑफलाइन में भी कदम रखने जा रही है ओमनी चैनल के जरिए पहले भारतीय बाजार पर पकड़ बनाने का फाउंडर्स का लक्ष्य है। भारत दुनिया का सेकेंड लार्जेस्ट फुटवेयर प्रोड्युसर है। भारत में हर साल करोड़ो शूज बनाए जाते है। शूज मैन्यूफैक्चरिंग का इन्फ्रास्ट्रक्चर देश में पूरी तरह से तैयार है इसिलिए कंपनी थर्ड पार्टी मैन्यूफैक्चरर्स से शूज बनवाती है, शूज की डिमांड में कितनी भी तेजी आएं भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स डिमांड पूरी करने की क्षमता रखते है यहीं कारण है कंपनी खुद शूज मैन्यूफैक्चरिंग में फिलहाल नहीं उतर रही।