पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने (BoM) मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के मामले में पब्लिक सेक्टर के लेंडर्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। पुणे स्थित लेंडर की डिपॉजिट और कर्ज में लगभग 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो अप्रैल-जून तिमाही के दौरान किसी भी पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) में सबसे अधिक है। PSB के तिमाही आंकड़ों के अनुसार 24.98 फीसदी की वृद्धि दर के साथ जून 2023 के अंत में बैंक का ग्रॉस डोमेस्टिक कर्ज बढ़कर 1,75,676 करोड़ रुपये हो गया।
इसके बाद 20.70 फीसदी की वृद्धि के साथ यूको बैंक, 16.80 फीसदी की वृद्धि के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा और 16.21 फीसदी की वृद्धि के साथ इंडियन ओवरसीज बैंक का नंबर आता है। देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) घरेलू कर्ज वृद्धि में 15.08 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पांचवें नंबर पर रहा। हालांकि, एसबीआई का कुल कर्ज (28,20,433 करोड़ रुपये) बीओएम के कुल कर्ज (1,75,676 करोड़ रुपये) के मुकाबले 16 गुना था।
रिटेल-एग्रीकल्चर-MSME (RAM) लोन के मामले में, BoM में 25.44 फीसदी की उच्चतम वृद्धि हुई है, इसके बाद पंजाब एंड सिंध बैंक में 19.64 प्रतिशत और पंजाब नेशनल बैंक में 19.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
डिपॉजिट ग्रोथ में किसका प्रदर्शन बेहतर?
डिपॉजिट ग्रोथ के संबंध में बीओएम ने 24.73 फीसदी की वृद्धि देखी और जून 2023 के अंत में 2,44,365 करोड़ रुपये जुटाए। आंकड़ों के अनुसार, डिपॉजिट में 15.50 फीसदी की वृद्धि (10,50,306 करोड़ रुपये) के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पंजाब नेशनल बैंक ने 13.66 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12,67,002 करोड़ रुपये दर्ज किए।