Yes Bank Case: राणा कपूर पर SEBI के जुर्माना लगाने से कोर्ट में Yes Bank के AT1 बॉन्ड निवेशकों का पक्ष मजबूत होगा

यस बैंक के बॉन्ड्स (AT1 Bonds) का यह मामला बैंक के एग्जिक्यूटिव्स से जुड़ा है। उन पर ये बॉन्ड्स सुपर एफडी (Fixed Deposit) बताकर इनवेस्टर्स को बेचने के आरोप हैं। एग्जिक्यूटिव्स ने इन बॉन्ड्स पर सुरक्षा के साथ ही ज्यादा रिटर्न का वादा किया था

अपडेटेड Sep 13, 2022 पर 12:15 AM
Sebi ने कपूर पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उसने कहा है कि पूर्व सीईओ की तरफ से लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में इनवेस्टर्स को लॉस उठाना पड़ा।

Yes bank share Price: मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 7 सितंबर को एक आदेश दिया। इसमें Yes Bank के पूर्व एमडी और सीईओ राणा कपूर पर टियर 1 बॉन्ड (AT1 Bonds) मामले में जुर्माना लगाया गया। टियर 1 बॉन्ड लंबी अवधि के बॉन्ड्स हैं, जिसका इस्तेमाल बैंक पूंजी जुटाने के लिए करते हैं। Yes Bank ने मार्च 2020 में बेलआउट (bailout) के वक्त इन बॉन्ड्स (AT1 Bonds) को राइट-डाउन कर दिया था। यस बैंक घोटाले की जांच चल रही है। कपूर इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। घोटाले के दौरान वह बैंक के प्रमुख थे। घोटाले की वजह से यस बैंक डूबने की कगार पर पहुंच गया था। RBI ने हस्तक्षेप कर इस बैंक को डूबने से बचाया था।

यस बैंक के बॉन्ड्स (AT1 Bonds) का यह मामला बैंक के एग्जिक्यूटिव्स से जुड़ा है। उन पर ये बॉन्ड्स सुपर एफडी (Fixed Deposit) बताकर इनवेस्टर्स को बेचने के आरोप हैं। एग्जिक्यूटिव्स ने इन बॉन्ड्स पर सुरक्षा के साथ ही ज्यादा रिटर्न का वादा किया था।

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Sebi ने कपूर पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उसने कहा है कि पूर्व सीईओ की तरफ से लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में इनवेस्टर्स को लॉस उठाना पड़ा। सेबी के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर ने कहा, "बड़ी संख्या में निवेशकों पर पड़ने वाले असर और स्कीम के तहत बड़ी स्ख्या में हुई बिक्री को देखते हुए मेरा मानना है कि Noticee के इस कदम की वजह से उस पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। जुर्माना नियमों के उल्लंघन के हिसाब से होना चाहिए।"

सेबी के इस आदेश के दो मुख्य पहलू हैं। पहला, जुर्माने से बैंक के मैनेजमेंट और अफसरों की तरफ से की गई गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। यह इसलिए बहुत गंभीर पहलू है क्योंकि 1,346 इंडिविजुअल इनवेस्टर्स ने इन बॉन्ड्स (AT1 Bonds) में 679 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इनमें से 1,311 इंडिविजुअल यस बैंक को मौजूदा कस्टमर्स थे। उन्होंने इन बॉन्ड्स में करीब 663 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

सिर्फ इतना ही नहीं, यस बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट के ऐसे 277 कस्टमर्स थे, जिन्होंने समय से पहले अपने FD को बंद कर इन बॉन्ड्स में 80 करोड़ रुपये निवेश किए थे। इन बॉन्ड्स को बाद में राइट-डाउन कर दिया गया। दरअसल, यस बैंक के एग्जिक्यूटिव्स ने इन बॉन्ड्स को 'सुपर एफडी' बताकर ग्राहकों को बेचे थे।

दूसरा, सेबी के इस आदेश से बॉम्बे हाईकोर्ट में यस बैंक के बॉन्ड्स के निवेशकों और बैंक के बीच चल रहे मामले में निवेशकों के पक्ष को मजबूती मिलेगी। बताया जाता है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में यह मामला अपने अंतिम चरण में है। इस मामले में सेबी का कार्रवाई का पहला उदाहरण नहीं है।

सेबी ने 12 अप्रैल, 2021 को गलत तरीके से बॉन्ड्स ग्राहकों को बेचने के इस मामले में यस बैंक के तीन पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। उसने यस बैंक पर 25 करोड़ रुपये की मॉनेटरी पेनाल्टी, विवेक कंवर पर 1 करोड़ रुपये और आशीष नासा और जसजीत सिंह बंगा पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कंवर यस बैंक की प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट टीम का प्रमुख था। दूसरे दो लोग उसके टीम के सदस्य थे।

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