BharatPe Controversy : अशनीर ग्रोवर को एलॉट रिस्ट्रिक्टड शेयर वापस लेगी भारतपे, जानिए रेस्ट्रिक्टड शेयर क्या होते हैं

अशनीर ग्रोवर को कंपनी ने रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी किए थे। उन्हें करीब 1.4 फीसदी रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी किए गए थे। ये शेयर उन्हें सितंबर 2019 में जारी किए गए थे। कंपनियां सीनियर एग्जिक्यूटिव्स को रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी करती है

अपडेटेड Mar 02, 2022 पर 2:03 PM
अशनीर ग्रोवर ने 2018 में भारतपे की शुरुआत की थी। बहुत कम समय में भारतपे बड़ी फिनटेक कंपनी बन गई। कुछ महीने पहले कोटक सिक्योरिटी के एक कर्मचारी के साथ ग्रोवर की बातचीत का ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ।

अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने मंगलवार (1 मार्च) को भारतपे के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director of BharatPe) पद से रिजाइन कर दिया। कई हफ्ते तक कंपनी के बोर्ड से चली लड़ाई के बाद अचानक उनका इस्तीफा आया। बताया जा रहा है कि उन्हें एलॉट रिस्ट्रिक्टड शेयर (Restriceted Shares) कंपनी वापस ले लेगी। यह ग्रोवर के लिए बहुत बड़ा नुकसान होगा। क्या है रिस्ट्रिक्टेड शेयर, इसे किसे जारी किया जाता है, नॉर्मल शेयर और रिस्ट्रिक्टड शेयर में क्या फर्क है? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।

अशनीर ग्रोवर को कंपनी ने रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी किए थे। उन्हें करीब 1.4 फीसदी रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी किए गए थे। ये शेयर उन्हें सितंबर 2019 में जारी किए गए थे। कंपनियां सीनियर एग्जिक्यूटिव्स को रिस्ट्रिक्टड शेयर जारी करती है। यह सैलरी पैकेज के अतिरिक्त होता है। यह एक तरह से कंपनी के लिए उनकी सेवाओं का इनाम होता है। साथ ही एग्जिक्यूटिव को कंपनी के साथ जोड़कर रखना भी इसका मकसद होता है।

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रिस्ट्रिक्टेड शेयर के लिए एक वेस्टिंग शेड्यूल होता है। इसका मतलब है कि इन्हें तय वक्त पर ही नॉर्मल शेयर की तरह इंप्लॉयी को ट्रांसफर किया जाता है। इन शेयरों को एग्जिक्यूटिव एक निश्चित समय के बाद ही बेच सकता है। इन्हें तय वक्त से पहले ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता। इसके लिए कई तरह की शर्ते लागू होती हैं। ग्रोवर को मार्च से सितंबर के बीच जारी किए गए शेयर अभी वेस्टेड नहीं हैं। रिस्ट्रिक्टड शेयर को नॉर्मल शेयर में तभी कनवर्ट किया जाता है जब एग्जिक्यूटिव ने कंपनी में एक निश्चित समय तक नौकरी पूरी कर ली हो।

अशनीर ग्रोवर ने 2018 में भारतपे की शुरुआत की थी। बहुत कम समय में भारतपे बड़ी फिनटेक कंपनी बन गई। कुछ महीने पहले कोटक सिक्योरिटी के एक कर्मचारी के साथ ग्रोवर की बातचीत का ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। इस ऑडियो क्लिप में ग्रोवर कोटक सिक्योरिटी के कर्मचारी को धमकी देते दिख रहे हैं।

इस विवाद के बाद भारतपे के बोर्ड ने ग्रोवर को फोर्स्ड लीव पर भेज दिया। बोर्ड ने कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उल्लंघन की जांच का आदेश दिया। इसमें कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में सामने आया कि अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर ने कंपनी के पैसे का दुरुपयोग किया था। वह कंपनी में सीनियर एग्जिक्यूटिव थी। हाल में उन्हें भारतपे से टर्मिनेट कर दिया गया। मंगलवार को अशनीर ने भी एमडी पद से इस्तीफा दे दिया।

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