फिनटेक फर्म भारतपे (BharatPe) और इसके पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के बीच वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई और सार्वजनिक विवाद खत्म हो गए हैं। दोनों पक्ष एक सेटलमेंट पर पहुंच गए हैं। भारतपे के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि समझौते के तहत ग्रोवर किसी भी क्षमता में भारतपे से जुड़े नहीं रहेंगे और न ही कंपनी की शेयरहोल्डिंग का हिस्सा होंगे। इसके अलावा, ग्रोवर के कुछ शेयर कंपनी के फायदे के लिए रेसिलिएंट ग्रोथ ट्रस्ट को ट्रांसफर किए जाएंगे और उनके बाकी शेयरों का मैनेजमेंट उनकी पारिवारिक ट्रस्ट करेगी।
