फिनेटक स्टार्टअप भारतपे (BharatPe) के आंतरिक विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। कंपनी की हेड ऑफ कंट्रोल और को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) की पत्नी माधुरी जैन (Madhuri Jain) ने मैनेजमेंट को एक लेटर लिखा है। इस लेटर में माधुरी जैन ने कहा कि मैनेजमेंट ने उनका जो इस्तीफा स्वीकार किया है, उस इस्तीफे को उन्होंने कभी दिया ही नहीं है।
अंग्रेजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। भारतप ने इस पर अखबार को बताया कि कंपनी ने माधुरी जैन से कभी इस्तीफा ही नहीं मांगा था, इसलिए उसे स्वीकार करने की बात ही नहीं उठती है। हालांकि कंपनी ने यह जरूर बताया कि माधुरी जैन को 20 नंबर को अनिवार्य रूप से छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया था।
सूत्रों के मुताबिक माधुरी जैन के इस्तीफा को लेकर भारतपे के शीर्ष मैनेजमेंट और बोर्ड के सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अशनीर ग्रोवर ने 19 जनवरी को हुई एक बोर्ड मीटिंग में माधुरी के इस्तीफे की पेशकश की थी और मीटिंग के विवरणों में शामिल हो गया था। माधुरी जैन, कंपनी में अशनीर ग्रोवर को ही रिपोर्ट करती थीं।
मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सकता है। माधुरी जैन और अशनीर ग्रोवर ने इस संबंध में भेजे सवालों का जवाब नहीं दिया। वहीं भारतपे बोर्ड के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि वह कंपनी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक अशनीर ग्रोवर 19 जनवरी की उस बोर्ड मीटिंग के बाद से यह दावा करते रहे हैं कि माधुरी जैन के इस्तीफे की पेशकश एक 'अकास्मिक' फैसला था और इस पर बोर्ड के सभी सदस्यों की सहमति नहीं थी। मीटिंग के विवरणों के मुताबिक, ग्रोवर ने कहा था कि 'इस्तीफे पर फैसला उसकी कंपनी में वापसी के बाद तय किया जाएगा।'
माधुरी जैन ने भारतपे को भेजे ईमेल में लिखा है कि उनका "कथित इस्तीफा काफी हैरान करने वाले कॉरपोर्ट गवर्नेंस के सभी ज्ञात नियमों को धता बताने वाला है।"
माधुरी जैन के लेटर में आगे लिखा है, "मैंने न कोई इस्तीफा दिया है और न ही मुझे इस संबंध में कोई जानकारी है। कथित इस्तीफे को बोर्ड ने सिर्फ इस आधार पर स्वीकार कर लिया कि मैं अशनीर की पत्नी हूं। मैं इस लेटर के जरिए बोर्ड को यह याद दिलाना चाहती हूं कि मैं कंपनी की कंट्रोल्स हेड हूं और मेरी भूमिका सिर्फ अशनीर की पत्नी होने तक सीमित नहीं थी।"
माधुरी जैन ने बताया कि वह "निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच में दोषमुक्त साबित होने के बाद औपचारिक रूप से इस्तीफा दे देंगी"। उन्होंने कहा कि मौजूदा कॉरपोरेट गवर्नेंस रिव्यू बस एक नाटकीय जांच है, जिसका मकसद उनकी छवि को धूमिल करना है। माधुरी ने आरोप लगाया कि शेयरधारकों के बीच लड़ाई में उनका "इस्तेमाल मोहरे के रूप में" किया जा रहा है।