Haldiram को खरीदने की रेस में Blackstone सबसे आगे, 40000 करोड़ रुपये की बोली लगाने की तैयारी

नाम न बताने की शर्त पर लोगों ने बताया कि Haldiram के रेस्टोरेंट ओनरशिप और ब्रांड लाइसेंस जैसे मुद्दे डील में बाधा बन रहे थे, लेकिन अब इन्हें सुलझा लिया गया है। ब्रांड राइट्स और रेस्टोरेंट के ऑपरेशन पर नियंत्रण परिवार के पास रहेगा। इस डील से हल्दीराम का वैल्यूएशन 70000 से 78000 करोड़ रुपये के बीच होगा

अपडेटेड Jul 29, 2024 पर 8:58 PM
ब्लैकस्टोन इंक हल्दीराम में 51 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 40000 करोड़ रुपये की बोली लगाने की तैयारी में है।

दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन इंक (Blackstone) हल्दीराम (Haldiram) में 51 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 40000 करोड़ रुपये की बोली लगाने की तैयारी में है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों ने दी है। भारत की मशहूर फास्ट-फूड चेन हल्दीराम को खरीदने के लिए दिग्गज इक्विटी फर्मों के बीच जंग चल रही है। हालांकि, इस डील पर अब ब्लैकस्टोन की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। ब्लैकस्टोन ने हल्दीराम को खरीदने के लिए बेहतर ऑफर पेश किया है। इस कदम से प्राइवेट इक्विटी फर्म के लिए भारत के स्नैक्स बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो सकता है।

Haldiram का वैल्यूएशन 70000 से 78000 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद

बातचीत से परिचित लोगों ने बताया कि निवेशकों के एक कंसोर्टियम के हिस्से के रूप में बायआउट फंड हल्दीराम में 51 फीसदी हिस्सेदारी के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये की बोली लगा सकता है। इस डील से हल्दीराम का वैल्यूएशन 70000 से 78000 करोड़ रुपये के बीच होगा। स्नैक्स कंपनी के प्रमोटरों को फाइनल ऑफर ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया के नतीजे पर निर्भर करेगा। इस सौदे से प्राइवेट इक्विटी फर्म को हल्दीराम के प्रोडक्ट बिजनेस का नियंत्रण मिल सकता है, जिसके लिए ब्लैकस्टोन को स्थायी लाइसेंस मिलेगा।


ओनरशिप और ब्रांड लाइसेंस से जुड़े विवाद सुलझे

नाम न बताने की शर्त पर लोगों ने बताया कि रेस्टोरेंट ओनरशिप और ब्रांड लाइसेंस जैसे मुद्दे डील में बाधा बन रहे थे, लेकिन अब इन्हें सुलझा लिया गया है। ब्रांड राइट्स और रेस्टोरेंट के ऑपरेशन पर नियंत्रण परिवार के पास रहेगा। ऊपर बताए गए लोगों में से एक बैंकर ने कहा, "इन मुद्दों पर डील और वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ रहा था और अब जब मामला बंद होने की कगार पर है, तो डील जल्द ही पूरी हो जानी चाहिए।" इसका मतलब यह होगा कि हल्दीराम फैमिली बिक्री की शर्तों के तहत हल्दीराम के ब्रांड का इस्तेमाल करने के लिए नए मालिकों से एनुअल रॉयल्टी पाने का हकदार होगा।

EY ब्लैकस्टोन की ओर से हल्दीराम पर ड्यू डिलिजेंस कर रहा है। सिंगापुर की GIC और अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी कंसोर्टियम का हिस्सा हैं। ब्लैकस्टोन के पास मेजोरिटी स्टेक होगी। संभावित डील पर एक सवाल के जवाब में ब्लैकस्टोन के प्रवक्ता ने कहा कि बायआउट फर्म ने "हल्दीराम के लिए फिर से बोली नहीं लगाई है (हमने मई 2024 के महीने में एक इनिशियल प्रपोजल प्रस्तुत किया था)। वैल्यूएशन मैच नहीं होने के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ी।" हल्दीराम के सीईओ कृष्ण कुमार चुटानी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इसके पहले 8 जुलाई को मनीकंट्रोल ने बताया था कि ब्लैकस्टोन हल्दीराम में कंट्रोलिंग स्टेक हासिल करने के लिए बातचीत कर रहा है। 14 मई को इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि ब्लैकस्टोन स्नैक्स कंपनी का 76 फीसदी हिस्सा हासिल कर सकता है। हल्दीराम सितंबर 2023 से खरीदारों के साथ बातचीत कर रहा है। लेन-देन में उम्मीद से अधिक समय लगने के कारण, यह भी बताया गया कि हल्दीराम अपने शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करने पर विचार कर सकता है।

इस साल की शुरुआत में, सिंगापुर के टेमासेक और बेन कंपनी को खरीदने की दौड़ में शामिल हो गए। मामले की जानकारी रखने वाले एक बैंकर ने कहा, "अब ब्लैकस्टोन के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है, 51 फीसदी के लिए 78000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर। यह कंपनी के लिए प्राप्त सबसे अच्छा ऑफर है।"

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