यूनियन बजट 2023- देश की एविएशन इंडस्ट्री कोविड के झटके से उबरने में लगी है लेकिन प्राइवेट जेट का बिजनेस अभी भी मंदी से बाहर नहीं आया है। देश भर के बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटरों ने बजट में टैक्स रियायत की मांग की है । बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटरों की मांग है सरकार एयरक्राफ्ट इंपोर्ट के साथ निगेटिव लिस्ट जैसा बर्ताव ना करें। अगले पांच साल के लिए प्राइवेट जेट पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को भी शून्य कर दिया जाए। साथ ही प्राइवेट जेट पर लगने वाले 28 फीसदी GST को कम कर 18 फीसदी या 12 फीसदी तक लाने की गुजारिश की गई है ।
बिजनेस एयरक्राफ्ट मालिकों का कहना है कि मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर से विदेश में रजिस्टर जेट कंपनियों के मुकाबले भारत में रजिस्टर्ड कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।
अपने पत्र में बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर एसोसिएशन ने लिखा है कि प्राइवेट जेट इंडस्ट्री पिछले कुछ साल में आगे बढ़ने के बजाय पीछे हो गई हैं। 2013-14 में जहां 120 के करीब प्राइवेट जेट ऑपरेटर थे वहीं 2021-22 में ये घट कर 90 हो गए हैं। साथ ही देश में मौजूद कुल प्राइवेट एयरक्राफ्ट की संख्या भी घटी है। अब इंडस्ट्री को सरकार से बजट में मदद की उम्मीद है।