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Budget 2026 Expectations: देश में खूब बनेंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने वित्त मंत्री से की ये सिफारिशें

Budget 2026 Expectations for Electronics Industry: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस रविवार 1 फरवरी को अगले वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश करेंगी। वह रिकॉर्ड लगातार नवें बार इसे पेश करेंगी। इस बजट से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की निगाहें लगी हुई हैं। जानिए इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की बजट से क्या उम्मीदें हैं और इसे लेकर इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 29, 2026 पर 2:20 PM
Budget 2026 Expectations: देश में खूब बनेंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने वित्त मंत्री से की ये सिफारिशें
Budget 2026 Expectations for Electronics Industry: देश की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने सरकार से टैरिफ में मौजूद खामियों को दूर करने और नियामकीय दिक्कतों को कम करने की मांग की है। (File Photo- Pexels)

Budget 2026 Expectations for Electronics Industry: देश की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट से काफी उम्मीदे हैं। इंडस्ट्री ने सरकार से टैरिफ में मौजूद खामियों को दूर करने और नियामकीय दिक्कतों को कम करने की मांग की है।  इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री का कहना है कि टैरिफ से जुड़ी खामियों के चलते लागत बढ़ रही हैं और भारत के वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने का रास्ता तय करना कठिन हो रहा है। इंडस्ट्री बॉडी ने ऐसे सुझाव दिए हैं जिसे लेकर इसका कहना है कि लागत से जुड़ी खामियां कम होंगी, कारोबार करने में आसानी होगी और वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों के बीच भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।  ICEA के सदस्य एपल , फॉक्सकान, शाओमी, ओप्पो, वीवो, डिक्सन और जबील जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

Budget 2026 Expectations for Electronics Industry: क्या हैं उम्मीदें

प्री-बजट रिपोर्ट में ICEA (इंडियन सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन) ने मोबाइल फोन कंपोनेंट्स, वेयरेबल्स, डिस्प्ले असेंबलीज और कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में बदलाव की मांग की है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग एंड अदर ऑपरेशंस इन वेयरहाउस रेगुलेशंस (MOOWR) योजना में सुधार का भी प्रस्ताव रखा है। सबसे तेजी से बढ़ रहे सेगमेंट्स में शुमार वेयरेबल्स और हियरेबल्स को लेकर ICEA ने प्रस्ताव रखा है कि फिनिश्ड प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी को 20% से घटाकर 15% किया जाए ताकि यह देश के टैरिफ रोडमैप के मुताबिक हो सके। साथ ही वेयरेबल्स में इस्तेमाल होने वाले मैकेनिकल पार्ट्स पर ड्यूटी को 15% से घटाकर 10% करने की भी मांग की गई है, ताकि इन्हें मोबाइल फोन कंपोनेंट्स के बराबर लाया जा सके।

इंडस्ट्री की एक अहम चिंता ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइसेज़ और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले असेंबली पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को लेकर है। अभी फिनिश्ड डिस्प्ले और उनके अहम इनपुट्स, दोनों पर 15% ड्यूटी लगती है जिससे घरेलू वैल्यू एडिशन के लिए बहुत कम इंसेंटिव मिलता है। ICEA ने सुझाव दिया है कि फिनिश्ड यानी कि तैयार हो चुके असेंबलीज पर 15% ड्यूटी बनाए रखा जाए, जबकि इनपुट्स और सब-पार्ट्स पर ड्यूटी शून्य किया जाए, जैसे कि मोबाइल फोन और टेलीविजन के फ्रेमवर्क में है।

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