यूनियन बजट 2022 की तिथि एकदम करीब आ गई है। ऐसे में तमाम इंडस्ट्री इनसाइडर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से अपनी मांग मांगने की गुहार कर रहे हैं। इस लिस्ट में इंश्योरेंस कंपनियां भी शामिल है। इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े दिग्गजों की नरेंद्र मोदी सरकार से मांग है कि लाइफ इंश्योरेंस के लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत एक अलग डिडक्शन लिमिट तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा होने से समाज में इंश्योरेंस का विस्तार होगा।
