एमएसएमई उन सेक्टर में से एक है, जिन्हें निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस सेक्टर को सरकार टैक्स में राहत, फंड जुटाने में आसानी के उपायों सहित कई उम्मीदें हैं। यह सेक्टर देश की इकोनॉमी के लिए बहुत अहम हैं। देश में 6 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई हैं। इनमें 11 करोड़ से ज्यादा लोग काम करते हैं। यह देश में काम करने वाले लोगों को कुल संख्या का करीब 40 फीसदी है। जीडीपी में एमएसएमई का करीब 30 फीसदी योगदान है। मैन्युफैक्चरिंग में इस सेक्टर की करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी है।
