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Budget 2020: बैंक डूबा तो अब कम से कम 5 लाख रुपए मिलेंगे

फाइनेंस मिनिस्टर ने डिपॉजिट इंश्योरेंस 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 02, 2020 पर 11:01 AM
Budget 2020: बैंक डूबा तो अब कम से कम 5 लाख रुपए मिलेंगे

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में बैंक के खाताधारकों बड़ी राहत देते हुए डिपॉजिट इंश्योरेंस (Deposit Insurance) बढ़ा दिया है। अब यह 1 लाख रुपए के बजाय 5 लाख रुपए है। इसका मतलब है कि कोई बैंक डूबने पर अभी तक ग्राहकों को सिर्फ 1 लाख रुपए मिलते थे। अब वह 5 लाख रुपए हो गए हैं।

RBI के गाइडलाइन के मुताबिक, सभी कमर्शियल बैंक एंड कोऑपरेटिव बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत आते हैं। सिर्फ प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसायटी ही DICGC के दायरे में नहीं है।

DICGC के नियमों के तहत किसी बैंक में सेविंग्स खाता या FD रखने वाले ग्राहकों के मूल रकम और इंटरेस्ट को मिलाकर कुल 1 लाख रुपए तक का ही इंश्योरेंस होता था। अब इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है।

उदाहरण के तौर पर देखें तो PMC बैंक में जिन ग्राहकों के 1 लाख रुपए से ज्यादा जमा थे, बैंक डूबने के बाद उन्हें सिर्फ 1 लाख रुपए ही मिलेंगे। PMC बैंक डूबने के बाद ही सरकार ने यह कदम उठाया है। 

DICGC में इन्हें इंश्योरेंस कवर नहीं है।

विदेशी सरकार के निवेश।
केंद्र या राज्य सरकार के निवेश।
इंटर-बैंक (एक बैंक से दूसरे बैंक) डिपॉजिट।
स्टेट लैंड डेवलपमेंट बैंक और स्टेट कोऑपरेटिव बैंक
भारत के बाहर से आया कोई फंड जमा हो तो इंश्योरेंस नहीं

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