वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार पैदा करने के लिए सरकार ने 103 लाख करोड़ रुपए की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की हैं और वह हाईवे के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही जल्द एक लॉजिस्टिक पॉलिसी लाएगी।
सीतारमण ने संसद में आम बजट पेश करने के दौरान कहा कि 2020-21 में ट्रॉन्सपोर्टेशन इंफ्रा परियोजनाओं के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए मुहैया कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (national infrastructure pipeline- NIP) के तहत 103 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के अनुरूप की गई, जिसमें उन्होंने अगले पांच वर्षों में 100 लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा निवेश की बात कही थी।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा- प्रधानमंत्री ने अगले पांच सालों के दौरान इंफ्रा 100 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा की थी। एनआईपी की शुरुआत 31 दिसंबर 2019 में हुई, जिसके तहत 103 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन नई परियोजनाओं में आवसीय, साफ पेयजल, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य, आधुनिक रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो बस, लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।
सीतारमण ने कहा कि NIP से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और इससे बड़े स्तर पर रोजगार के नए मौके तैयार होंगे।
इंफ्रास्टक्चर पुश पर Design Studio (चंडीगढ़) के को-फाउंडर एआर. त्रिपाठ गिरधर का कहना है- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ निर्भर होती है। सरकार का स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट इंडस्टियलाइजेशन को बढ़ावा देगा। इस बजट में लाल फीताशाही को कम करने पर जोर है, जिससे कि इंफ्रास्ट्रक्चर में टेक्नोलॉजी का दखल, रोजगार पैदा करने के अवसर और इंडियन बिजनेस में प्राइवेट डेवलपर्स की एंट्री जैसी कई संभावनाएं पैदा होंगी।
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