फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2020 को बजट पेश करते हुए कश्मीर के एक कवि दीनानाथ कौल नदीम की एक कविता का कुछ हिस्सा पढ़ा।
उन्होंने दीनानाथ नादीम की कविता का हिंदी अनुवाद बताया। दीनानाथ कौल नादीम कश्मीरी साहित्य के आदर्श और दिग्गज कवि हैं। उन्हें साहित्य अकामदी का सम्मान भी दिया गया है।उनका जन्म 1916 में हुआ था।
निर्मला सीतारमण ने जो संसद में जो कविता पढ़ी वह कविता हिंदी में यहां दी जा रही है।
खिलते हुए शालीमार बाग जैसा
हमारा वतन,
डल लेक में खिलते हुए कमल जैसा
नवजवानों के गर्म खून जैसा
मेरा वतन,
तेरा वतन,
हमाना वतन,
दुनिया का सबसे प्यारा वतन।
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