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Budget 2021-22 Expectations:बजट में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर GST दरें घटाने की जरूरत-HDFC

आवाज़ के साथ HDFC की MD रेणु सूद कर्नाड जुड़ी। उन्होंने कहा बजट में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर GST घटाने की जरूरत है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 05, 2021 पर 8:40 AM
Budget 2021-22 Expectations:बजट में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर GST दरें घटाने की जरूरत-HDFC

आवाज़ पर बजट की मेगा कवरेज शुरू हो गई है। कॉरपोरेट इंडिया इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाकर बैठे है। इसीलिए सीएनबीसी-आवाज आपके लिए लेकर आया है BIG BUDGET BOLD IDEAS। इसी सिलसिले में आवाज़ के साथ HDFC की MD रेणु सूद कर्नाड जुड़ी। उन्होंने कहा बजट में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर GST दरें घटाने की जरूरत है।

RENU SUD KARNAD की राय है कि अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर GST दरें घटाने की जरूरत है। अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर अभी 5 फीसदी  GST लगता है। कुछ महीनों के लिए अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर दरें 0 फीसदी करना चाहिए। अभी भी बिल्डर्स को फाइनेंस की दिक्कतें आ रही हैं। अटके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए फाइनेंस बढ़ाना होगा है। अटके प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 25000 करोड़ रुपए का फंड बनाया है। लेकिन NPA के नियमों में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के समय में सरकार ने अच्छे कदम उठाए हैं। पिछले 8 महीने में हाउसिंग में कई रियायतें मिलीं हैं। सरकार के कदमों से ही घरों की बिक्री बढ़ी है। रियल एस्टेट में नए घर खरीदार बढ़े हैं। स्टांप ड्यूटी घटने से हाउसिंग सेक्टर को बूस्ट मिला है। केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों ने भी अच्छे कदम उठाए हैं।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक, मध्य प्रदेश में स्टांप ड्यूटी घटी है, और राज्यों को भी स्टांप ड्यूटी घटानी चाहिए। ड्यूटी घटने से घरों की बिक्री में तेजी आएगी। अधिक आबादी वाले राज्यों में ड्यूटी जल्द घटने की उम्मीद है।

कंपनी और रियल्टी सेक्टर पर बात करते हुए  रेणु सूद कर्नाड ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच कामकाज ठप रहा। जुलाई के बाद से रियल्टी में रिकवरी शुरू हुई है। लोन डिस्बर्समेंट में धीरे-धीरे तेजी आएगी। रियल्टी को राहत देनें के लिए राज्य सरकारों को और कदम उठाने की जरूरत है। राज्य सरकारों के राहत देने से सेक्टर में तेजी आएगी। 2008 में हाउसिंग में रिकवरी आने में समय लगा था। चौथी तिमाही तक कारोबार सामान्य होने की उम्मीद है। Q4 के बाद रियल एस्टेट में स्थिरता की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि कुछ कंपनियों के डिफॉल्ट से सेक्टर को झटका लगा है। Loan Against Property से DHFL में दिक्कतें आईं। कुछ कंपनियों के डिफॉल्ट का सेक्टर पर ज्यादा असर नहीं होगा। देश में युवाओ की संख्या 65 फीसदी से ज्यादा है।  देश में Mortgage-to-GDP दुनिया के मुकाबले काफी कम है। PM आवास योजना के तहत प्रोजेक्ट में तेजी लाना जरूरी है। 2022 तक 2 करोड़ घरों का लक्ष्य पाना मुश्किल है। 2023-24 तक 2 करोड़ घरों का लक्ष्य पूरा होना संभव है। घर खरीदारों के लिए PM सब्सिडी योजना एक वरदान है। PM आवास सब्सिडी योजना कारगर तरीके से लागू हुई है। PM आवास सब्सिडी योजना के तहत  2.68 लाख रुपए तक सब्सिडी मिलती है। बैंकों को सरकार से सब्सिडी का पैसा समय पर मिला है।


उन्होंने आगे कहा कि MIG स्कीम की समय सीमा बढ़ाने की जरूरत है। घरों की मांग में अभी तेजी आनी शुरू हुई है। मिडिल-क्लास में कई नए घर खरीदार सामने आ रहे हैं। हाउसिंग के लिए अलग से 2 लाख रुपए तक टैक्स छूट मिलना चाहिए। रेंटल हाउसिंग स्कीम का दायरा बढ़ाने की जरूरत है। पिछले 2 साल में टेनेन्सी नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। लीज रेंटल डिस्काउंट का दायरा बढ़ाना होगा। निजी घरों के लिए लोन की प्रक्रिया में भी तेजी की जरूरत है। 2021 पिछले साल से बेहतर रहने की उम्मीद है। उम्मीद है कि 2021 में जीवन सामान्य होता नजर आएगा।


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