PM e Vidya scheme : बजट (Budget 2022) के एक प्रस्ताव ने एजुकेशन मिनिस्ट्री को एक बड़ी उलझन में डाल दिया है। दरअसल बजट, 2022 में पीएम ई-विद्या स्कीम के तहत 200 टीवी चैनल शुरू करने और कई पहलों का प्रस्ताव किया गया है, लेकिन इसके लिए महज 1,00,000 रुपये का आवंटन किया गया है।
मंत्रालय की इस मसले पर स्पष्टता के लिए व्यय विभाग से संपर्क करने की योजना है, जो एक गलती लग रही है।
वित्त मंत्रालय की तरफ से स्पष्टता जरूरी
एक अधिकारी ने कहा, पीएम ई-विद्या के लिए बजट आवंटन उम्मीदों और घोषणआ से मेल नहीं खाता है। अधिकारी ने कहा कि इस मसले पर वित्त मंत्रालय की तरफ से स्पष्टता ही अच्छी रहेगी, क्योंकि एजुकेशनल टीवी चैनल्स की संख्या 12 से बढ़ाकर 200 करने के लिए बड़ी मात्रा में फंड आवंटन की जरूरत होगी।
1 लाख का आवंटन गलती लगता है
एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा, “1 लाख रुपये का आवंटन एक गलती लगता है। एजुकेशन मिनिस्ट्री के अधिकारी एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट के साथ जल्द होने वाली एक मीटिंग में तस्वीर साफ करने की मांग करेंगे। आपको पीएम ई-विद्या योजना के विस्तार के लिए फंड की जरूरत है।”
कई माध्यमों से मिलेगी शिक्षा
बजट डॉक्युमेंट के मुताबिक, “पीएम ई-विद्या स्कीम डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर एजुकेशन से जुड़े सभी प्रयासों को एकजुट करती है और एजुकेशन तक कई माध्यमों से एक्सेस को सक्षम बनाने का प्रावधान करती है। इस योजना के साथ, स्टूडेंट और टीचर को डिजिटल एजुकेशन तक मल्टीमोड एक्सेस मिलेगी।”
दूसरे अधिकारी ने कहा कि अलोकेशन से जुड़ी गलती से निपटने के लिए विकल्प उपलब्ध हैं और फंड हासिल करने के लिए नया कैबिनेट नोट जारी करने पर भी विचार किया जा सकता है।
वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट भाषण में कहा कि महामारी के दौर में सबसे ज्यादा असर बच्चों और उनकी एजुकेशन पर पड़ा है। इसके लिए पीएम ईविद्या के प्रोग्राम ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ के तहत टीवी चैनलों की संख्या 12 से बढ़ाकर 200 की जाएगी। इससे सभी राज्यों को कक्षा 1 से 12 तक के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री एजुकेशन उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।