Budget Expectation 2022: 1 फरवरी 2022 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। बजट में अपनी उम्मीदों का पिटारा सभी सेक्टर्स के कारोबारी अलग-अलग माध्यमों से वित्तमंत्री को भेज रहे हैं। व्यापारी वर्ग बजट से उम्मीद कर रहे हैं कि वह ऐसा हो जो कोविड-19 की तीसरी लहर के समय अर्थव्यवस्था को बूस्ट दे और कारोबार को बढ़ाने में मदद करें।
दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि केंद्रीय बजट में उनके लिए क्या सार्थक घोषणाएं हैं जिससे देश में व्यापार करने के तरीके अधिक सुलभ हों। क्या बजट में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को सरल और युक्तिसंगत बनाने के लिए कोई महत्वपूर्ण कदम की घोषणा होगी और आयकर या भारत के ई-कॉमर्स व्यवसाय को सुव्यवस्थित करने के लिए भी कोई कदम उठाये जाएंगे। यह उम्मीद जाहिर करते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की देश के 8 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों की बजट से बड़ी अपेक्षाएं हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी अधिनियम की नए सिरे से समीक्षा करने की जरूरत है। जीएसटी अधिनियम और नियमों में 1000 से अधिक संशोधन केवल 4 सालों में ही किये जाने से मालूम होता है की वर्तमान जीएसटी टैक्स प्रणाली में अभी काफी काम करने की जरूरत है। ताकि जीएसटी आसान हो और तर्कसंगत बने। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बजट व्यापारियों को बेहतर कारोबारी माहौल के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा।