Defence Budget 2022: डिफेंस सेक्टर में इंपोर्ट घटाने पर जोर, घरेलू कंपनियों से 68% खरीदारी का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए रक्षा यानी डिफेंस सेक्टर में इंपोर्ट घटाने और देश को "आत्मनिर्भर" बनाने पर जोर दिया है।

अपडेटेड Feb 01, 2022 पर 12:09 PM
Budget 2022: जानिए निर्मला सीतारमण ने डिफेंस सेक्टर के लिए क्या फैसले किए हैं

Defence Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए रक्षा यानी डिफेंस सेक्टर में इंपोर्ट घटाने और देश को "आत्मनिर्भर" बनाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने बताया वित्त वर्ष 2023 में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी 68 फीसदी खरीदारी घरेलू कंपनियों से की जाएगी, जो पिछले वित्त वर्ष तक 58 फीसदी था।

वित्त मंत्री ने डिफेंस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर, स्टार्ट-अप और अकेडमिक जगत की तरफ से रिसर्च एंड डिवेलपमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर भी DRDO के साथ साझेदारी में मिलिट्री प्लेटफॉर्म विकसित कर सकते हैं।

पिछले साल बजट में सरकार ने डिफेंस के बजट में मामूली बढ़ोत्तरी की थी। 2021 के बजट में डिफेंस के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।


पिछले साल सिविल को मिलाकर रेवेन्यू बजट 2.27 लाख करोड़ रुपए तय किया गया था। इसमें डिफेंस स्टाफ की सैलरी, मेंटेनेंस, सड़कों और ब्रिजों के निर्माण जैसे खर्च शामिल होते हैं। इसके अंतर्गत डिफेंस की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (DPSU) और कैंटीन स्टोर्स भी आते हैं। इसके लिए इस साल 36,138.36 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

पिछले साल बजट में निर्मला सीतारमण ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में करीब 19% की बढ़ोतरी की थी। वित्त मंत्री ने इसके लिए कुल 1.35 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया था।

सेना के लिहाज से यह सबसे अहम पार्ट होता है। इसमें सेना की जरूरतों और मॉडर्नाइजेशन के लिए हथियार, एम्युनिशन, फाइटर प्लेन्स जैसी चीजें खरीदी जाती हैं।

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