वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस बार बजट में घर खरीदारों को बड़ी सौगात दे सकती हैं। वह 1 फरवरी को बजट (Budget 2022) पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब कोरोना की चोट से अर्थव्यवस्था उबरने की कोशिश कर रही है। सरकार इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 80सी (Section 80c) के तहत होम लोन प्रिसिपल के रीपेमेंट पर टैक्स डिडक्शन (Tax Deduction) की सालाना लिमिट को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है।
निर्मला सीतारमण अगर घर खरीदारों के लिए यह बड़ा एलान करती हैं तो इससे आम लोगों को राहत के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) को भी फायदा होगा। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में संकेत दिए हैं। इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत घर खरीदारों को होम लोन के प्रिसिंपल के रीपेमेंट पर टैक्स डिडक्शन मिलता है। हालांकि, 80सी के तहत म्यूचुअल फंड की टैक्स स्कीम (ELSS), पीपीएफ (PPF) और एनएससी (NSC) सहित अन्य कई योजनाएं भी शामिल हैं। इनमें निवेश कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है।
जानकारों का मानना है कि होम लोन प्रिंसिपल पर डिडक्शन लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि अंतिम बार 2014 में इस लिमिट को बढ़ाया गया था। जानकारों का मानना है कि होम लोन पर टैक्स रिलिफ बढ़ाने से घरों की मांग बढ़ेगी, क्योंकि ज्यादा लोग टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए घर खरीदने का फैसला लेंगे। रियल एस्टेट सेक्टर को इस बार बजट से कई दूसरी भी उम्मीदें हैं। यह सेक्टर एफोर्डेबल होम लोन पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये के डिडक्शन को और एक साल बढ़ाकर मार्च 2023 तक किए जाने के पक्ष में है। इससे पहले सरकार दो बार इस डिडक्शन की समयसीमा बढ़ा चुकी है।