Budget 2023 Expectations Live Updates: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) आम बजट पेश करेंगी। इस बजट में लोगों को काफी उम्मीदें हैं। सरकार इस बार के बजट में कई सेक्टर में फोकस बढ़ा सकती है। जैसे मनरेगा, स्मॉल सेविंग स्कीम्स, इंफ्रास्ट्रक्चर को खास प्राथमिकता मिल सकती है। वहीं सैलरी क्लास के लोगों को भी काफी उम्मीदें हैं
Budget 2023 Expectations Highlights: सरकार ने इस साल बजट को पेपरलेस तरीके से पहुंचाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। 1 फरवरी को पेश होने के बाद बजट डॉक्युमेंट को एक मोबाइल ऐप पर जारी कर दिया जाएगा। इस ऐप का नाम 'Union Budget Mobile App' है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस ऐप पर लोगों को बजट डॉक्युमेंट्स का पूरा सेट मिलेगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने कुछ साल पहले बजट को पूरी तरह से पेपरलेस
Budget 2023 Expectations Highlights: सरकार ने इस साल बजट को पेपरलेस तरीके से पहुंचाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। 1 फरवरी को पेश होने के बाद बजट डॉक्युमेंट को एक मोबाइल ऐप पर जारी कर दिया जाएगा। इस ऐप का नाम 'Union Budget Mobile App' है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस ऐप पर लोगों को बजट डॉक्युमेंट्स का पूरा सेट मिलेगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने कुछ साल पहले बजट को पूरी तरह से पेपरलेस बना दिया है। अब संसद के सदस्यों को भी बजट डॉक्युमेंट की जानकारी टैबलेट पर मिलती है। इससे बजट डॉक्युमेंट्स की छपाई की जरूरत खत्म हो गई है।
26 जनवरी को हलवा सेरमने के साथ ही बजट की का स्वागत शुरू हो जाएगा। हलवा सेरेमनी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हलवा बांटकर बजट की शुरुआत करेंगी। अगले 5 दिनों में बजट है। ऐसे में सबकी फिक्र यही है कि इस बार निर्मला सीतारमण के पिटारे से क्या निकलेगा। पिछले कुछ समय से स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों में लगातार छंटनी हो रही है। ऐसे में हर 4 में से एक भारतीय की चिंता उसकी नौकरी को लेकर है। आम चुनाव होने से पहले यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है जिसकी वजह से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। 2014 के बाद से ही आम आदमी यह उम्मीद कर रहा है कि सरकार इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ा दे। अभी तक 2.50 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगता है। यह पुराना टैक्स स्लैब है। इसके बाद 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। नए टैक्स स्लैब में 7 लाख रुपए तक के टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन इसके ऊपर कोई छूट नहीं मिलती है।
भारत में सुपर रिच पर कुल 42.7% टैक्स लग रहा है। यह पिछले 30-40 दशक में सबसे ज्यादा है। इक्विटी इंटेलिजेंस इंडिया के फाउंडर पोरिंजु वेलियाथ ने कहा कि सुपर रिच के लिए इनकम टैक्स को वाजिब रेट पर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ज्यादा टैक्स के कारण कई HNI अपना बिजनेस भारत से बाहर लेकर जा रहे हैं।