कंपनी कानून के तहत चल रहे हजारों केस में डिफॉल्टर कंपनियों का राहत मिल सकती है। सीएनबीसी- आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार बजट में एमनेस्टी स्कीम का ऐलान कर सकती है । माना जा रहा है कि इससे देश के अलग -अलग राज्यों के हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट में चल रहे करीब 12000 मामलों को निस्तारण ( निपटाया ) जा सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक स्पेशल क्लीरेंस ड्राइव के तहत बजट में स्कीम का ऐलान हो सकता है। 2 साल से लेकर 5 साल से ज्यादा पुराने मामलों में राहत मिल सकती है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक बशर्ते कंपनी कानून की धारा 248 या 206 के तहत कार्रवाई चल रही हो या कंपनी को नोटिस जारी किया गया हो। या कंपनी को नोटिस जारी न किया गया हो या कंपाउंडेबल अपराध होगा।
सूत्रों के अनुसार अगर कंपाउंडेबल अपराध हो तो भी मामलों को निपटाया जा सकता है। 3 साल से कम की सजा वाले केस जिन पर लिमिटेशन का नियम लागू है। स्कीम को लागू करने के लिए RDs और RoCs की कमेटी का गठन हो चुका है । सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट में करीब 12000 से ज्यादा ऐसे मामले पेंडिंग है।