Budget 2023: सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर सरकार का फोकस बढ़ने की उम्मीद है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। एसएसवाई के लिए सरकार रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर जोर दे सकती है। एससीएसएस और एसएसवाई स्मॉल सेविंग्स स्कीम हैं, जो इनवेस्टर्स के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। एससीएसएस 60 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है। एसएसवाई लड़कियों के लिए है। लीगल गार्जियन या नेचुरल गार्जियन लड़की के नाम से SSY अकाउंट खोल सकता है। लड़की के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक अकाउंट ओपन किया जा सकता है। हाल में सरकार ने जनवरी-मार्च तिमाही के लिए स्मॉल-सेविंग्स स्कीम के इंटरेस्ट रेट्स को 1.1 फीसदी तक बढ़ाया था। हालांकि, सुकन्या समृद्धि के लिए इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाया गया था।
लॉक-इन पीरियड के नियमों में बदलाव करने की जरूरत
अभी SCSS का इंटरेस्ट रेट 8 फीसदी है, जबकि SSY का 7.6 फीसदी है। इनवेस्टमेंट के ये दोनों ऑप्शंस बहुत लोकप्रिय हैं। लेकिन इनमें लॉक-इन पीरियड काफी ज्यादा है। इस वजह से कई बार जरूरत पड़ने पर पैसा नहीं मिल पाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को इस बारें में कुछ बदलाव करने की जरूरत है। एससीएसएस का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। अकाउंट मैच्योर करने पर इसे और पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। लेकिन, ऐसा मैच्योरिटी के एक साल के अंदर होता है। इसके लिए अप्लिकेशन देना होगा। 21 साल पूरे होने के बाद SSY अकाउंट को बंद किया जा सकता है।
बजट 2023 आने में बाकी हैं सिर्फ कुछ दिन, इसकी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
250 रुपये के न्यूनतम निवेश से ओपन हो सकता है SSY अकाउंट
250 रुपये के न्यूनतम निवेश से सुकन्या समृद्धि स्कीम में अकाउंट ओपन किया जा सकता है। एक फाइनेंशियल ईयर में इसमें मैक्सिमम 1.50 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एसएसवाई पर सरकार को फोकस बढ़ाना चाहिए। यह कम आय वर्ग के लोगों के लिए अपनी बेटियों के भविष्य के लिए अच्छा फंड तैयार करने का मौका देता है। इस स्कीम से तैयार फंड का इस्तेमाल बेटियों की शिक्षा से लेकर शादी तक के लिए किया जा सकता है। इस स्कीम में निवेश पर टैक्स बेनेफिट भी है।