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Budget 2023: कैसे बजट में MSME सेक्टर को बूस्ट से जॉब ग्रोथ को मिल सकती है रफ्तार?

Budget 2023:  MSME सेक्टर लगभग 12 करोड़ रोजगार पैदा करता है। साथ ही इस सेक्टर का भारत के जीडीपी में 33 फीसदी अंशदान है। हालांकि, एमएसएमई सेक्टर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और आगामी यूनियन बजट में एमएसएमई की फाइनेंसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि से जुड़े मुद्दों का समाधान हो सकता है

Curated By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 27, 2023 पर 12:59 PM
Budget 2023: कैसे बजट में MSME सेक्टर को बूस्ट से जॉब ग्रोथ को मिल सकती है रफ्तार?
एमएसएमई के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में से एक 20 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की कमी है

Budget 2023 : माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर सभी उद्योगों में लगभग 12 करोड़ रोजगार पैदा करता है। साथ ही इस सेक्टर का भारत के जीडीपी में 33 फीसदी अंशदान है। हालांकि, एमएसएमई सेक्टर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और आगामी यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) में इसकी समस्याओं का कुछ समाधान हो सकता है और जोब ग्रोथ को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही, इसमें एमएसएमई की फाइनेंसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि से जुड़े मुद्दों का भी समाधान हो सकता है।

कर्ज की होती है समस्या

एमएसएमई के लिए सबसे बड़ी समस्याओं में से एक 20 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की कमी है। कर्ज की जरूरतों के लिए छोटे कारोबारी फैमिली, दोस्तों और स्थानीय मनीलेंडर्स का रुख करने को मजबूर होते हैं। इसके चलते उन्हें ऊंची ब्याज दरें चुकानी पड़ी है और इससे उनकी देनदारी बढ़ जाती है।

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