राज्यों ने बजट में केंद्रीय योजनाओं में ज्यादा आर्थिक मदद देने और कैपिटल Expenditure के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन देने की मांग की है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ आज प्री बजट मीटिंग में सभी राज्यों के वित्तमंत्री शामिल हुए। छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों केंद्र से ने पुरानी पेंशन स्कीम का पैसा वापस करने की मांग की। वही बिहार ने सेस और सरचार्ज को Divisible pool का हिस्सा बनाने की बात की है।
इस खबर पर विस्तार से बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि इस मीटिंग के दौरान राज्यों का कहना है कि केंद्र की नीतियों की वजह से उनकी फिस्कल ऑटोनॉमी पर असर पड़ा है। उनका आरोप है कि केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में राज्यों पर ज्यादा बोझ बढ़ गया है। इसके चलते राज्यों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि स्कीम को लागू करने के लिए राज्यों को ज्यादा आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।
प्री-बजट मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार से राज्यों ने मांग की है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए राज्यों को ब्याज रहित लोन की व्यवस्था की जाए। सेस और सरचार्ज को डिविजनल पूल का हिस्सा बनाया जाए या उसे ड्यूटी में शामिल किया जाए। इसी तरह पुरानी पेंशन योजना का एलान कर चुके राज्यों ने केंद्र से पैसा लौटाने को कहा है। इसके अलावा राज्यों ने ये भी मांग की है कि उनका बकाया GST मुआवजा जल्दी जारी किया जाए और साथ ही GST दरों की समीक्षा की जाए।