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Budget 2023: नौकरी पेशा करदाताओं को बजट से क्या है मिलने की उम्मीद, जानिए एक्सर्ट्स की राय

Budget 2023: शरद कोहली का कहना है कि 7 करोड़ लोगों ने रिटर्न फाइल किए और सिर्फ 1.5 करोड़ लोगों ने टैक्स भरा है। देश की 140 करोड़ जनता में सिर्फ 1.5 करोड़ लोगों ने टैक्स भरा। 2.50 लाख की टैक्स सीमा नहीं बढ़ानी चाहिए। टैक्स का बेस बढ़ाने की जरूरत है

Curated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 21, 2023 पर 4:41 PM
Budget 2023: नौकरी पेशा करदाताओं को बजट से क्या है मिलने की उम्मीद, जानिए एक्सर्ट्स की राय

Budget 2023: सीएनबीसी-आवाज़ के बजट स्पेशल टैक्स गुरू में ये जानने की कोशिश हो रही है कि बजट 2023 में सरकार को नौकरी पेशा टैक्सपेयरों को रहत देने के लिए क्या करना चाहिए। इस चर्चा में भाग ले रहे हैं जाने माने टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल, शरद कोहली और गौरी चढ्ढा। युवा टैक्सपेयर की FM से मांग है कि निवेश के हिसाब से डिडक्शन मिलना चाहिए 80C की डिडक्शन लिमिट 2.5 लाख रुपए की जानी चाहिए। नौकरी पेशा करदाताओं का कहना है कि हाल के दिनों महंगाई बढ़ी है लेकिन उनकी सैलरी घटी है। ऐसे में इन्फ्लेशन रिबेट मिलना जरूरी है।

80C का दायरा बढ़ाने से टैक्स कलेक्शन पर होगा असर

इस पर गौरी चढ्ढा का कहना हौ कि इस बजट में 80C का दायरा बढ़ने की उम्मीद कम है। सरकार का फोकस न्यू टैक्स रिजीम पर है। ऐसे में ओल्ड रिजीम में बदलाव की आशा कम है। गौरी की राय है कि 80C डिडक्शंस को सब कैटगरीज में बांटा जाना चाहिए। निवेश और खर्चों को अलग रखा जाना चाहिए। गौरी का कहना है कि 80C का दायरा बढ़ाने से टैक्स कलेक्शन पर असर होगा। लेकिन निवेश को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। 80C की लिमिट पिछली बार 2014 में बढ़ी थी।

मेडिकल खर्चों में डिडक्शन का दायरा बढ़े

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