संसद के 3 जुलाई को खत्म हुए सत्र से आगे के सत्रों का अंदाजा मिल गया है। कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया अलायंस जोश में दिखा। बीते एक दशक में पहली बार विपक्ष और एनडीए सरकार की बीच बराबरी का टकराव दिखा। उम्मीद है कि बजट सत्र में भी दोनों पक्षों के बीच खींचतान दिखेगी। बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। सरकार वित्त विधेयक लोकसभा में पेश करेगी। इसका सामान्य बहुमत से पारित होना जरूरी है। वित्त विधेयक पर राज्यसभा में वोटिंग नहीं होती है। पिछले 10 साल में बीजेपी सरकार ने वित्त विधेयक का इस्तेमाल न सिर्फ यूनियन बजट के टैक्स प्रस्तावों को पारित कराने के लिए किया है बल्कि उसने कुछ प्रमुख आर्थिक कानून भी इस तरह से पारित कराए हैं। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड इसका उदाहरण है।
