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Budget 2024 : रियल एस्टेट सेक्टर को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ने की उम्मीद

Budget 2024 : इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है। अभी इसकी लिमिट एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये है। यह लिमिट साल 2014 से बढ़ाई नहीं गई है। कोई व्यक्ति होम लोन के इंटरेस्ट पर सालाना 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 10, 2024 पर 9:43 AM
Budget 2024 : रियल एस्टेट सेक्टर को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ने की उम्मीद
Budget 2024 : रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि सरकार एफोर्डेबल यानी सस्ते घर की परिभाषा बदलनी चाहिए। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देना चाहिए।

Budget 2024 : रियल एस्टेट कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग का यूनियन बजट 2024 (Union Budget 2024) में ख्याल रखेगी। रियल्टी सेक्टर लंबे समय से होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शंस की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रही है। इस सेक्टर की कंपनियों का कहना है कि सरकार को एफोर्डेबल यानी सस्ते घर की परिभाषा बदलनी चाहिए। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देना चाहिए। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसमें सरकार का फोकस वोट-ऑन-अकाउंट पर होगा। वित्तमंत्री यह साफ कर चुकी हैं कि अंतरिम बजट में बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं है। इसके बावजूद रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि वित्तमंत्री अंतरिम बजट में उनकी कुछ उम्मीदें पूरी कर सकती हैं। होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की मांग टैक्स एक्सपर्ट्स ने भी की है। यह लिमिट लंबे समय से नहीं बढ़ाई गई है। पिछले 8-10 साल में घरों की कीमतें बहुत बढ़ी हैं, जिससे ग्राहकों को ज्यादा होम लोन लेने की जरूरत पड़ती है।

10 साल से नहीं बढ़ी है लिमिट

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है। अभी इसकी लिमिट एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये है। यह लिमिट साल 2014 से बढ़ाई नहीं गई है। कोई व्यक्ति होम लोन के इंटरेस्ट पर सालाना 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकता है। रियल एस्टेट ब्रोकरेज फर्म Square Yards के को-फाउंडर पीयूष बोथरा ने कहा, "हमें सबसे ज्यादा उम्मीद हाउसिंग लोन के इंटरेस्ट पर 2 लाख रुपये के मौजूदा रिबेट बढ़ाए जाने की है। इसे बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। ऐसा करने से हाउसिंग की डिमांड बढ़ेगी। खासकर एफोर्डेबल सेगमेंट में डिमांड पर इसका पॉजिटिव असर पड़ेगा।"

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