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Budget 2024 : एनर्जी ट्रांजिशन के लिए सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की आर्थिक मदद 50% घटी

Interim Budget 2024 : एचपीसीएल, आईओसीएल और बीपीसीएल जैसी सरकार ऑयल मार्केटिंग कंपनियां नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का टारगेट हासिल करने के लिए निवेश बढ़ाना चाहती हैं। लेकिन, उन्हें पैसे की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि 2022 में इन कंपनियों को कॉस्ट से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस बेचने से काफी नुकसान उठाना पड़ा था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 27, 2024 पर 12:10 PM
Budget 2024 : एनर्जी ट्रांजिशन के लिए सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की आर्थिक मदद 50% घटी
Union Budget 2024 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल अपने बजट में भाषण में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 30,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया था।

Union Budget 2024 : सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एनर्जी ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स के लिए आर्थिक मदद घटाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दी है। वित्तमंत्रालय ने यह जानकारी दी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले साल अपने बजट में भाषण में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 30,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया था। इन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) शामिल हैं।

ऑयल का स्ट्रेटेजिक रिजर्व बनाने का प्लान भी टला

इसके अलावा वित्तमंत्री ने ऑयल का स्ट्रेटेजिक भंडार बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का भी प्रस्ताव पेश किया था। इस पैसे का इस्तेमाल स्ट्रेटेजिक स्टोरेज के लिए क्रूड ऑयल खरीदने के लिए होने वाला था। सप्लाई में अचानक आई बड़ी दिक्कत की स्थिति में इस स्ट्रेटेजिक भंडार का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्ट्रेटेजिक भंडार कर्नाटक में मंगोलर और आंध्रप्रदेश में विशाशापत्तनम में बनाने का प्रस्ताव था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि ऑयल मार्केट्स के ट्रेंड्स को देखते हुए इस प्लान को भी टाल दिया गया है।

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