रोड और हाईवे सेक्टर को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस सेक्टर का मानना है कि हाईवे कैपेसिटी बढ़ाने के लिए सरकार लंबी अवधि का प्लान बजट में पेश करेगी। पिछले 10 साल में इस सेक्टर की ग्रोथ जबर्दस्त रही है। 2014 से 2014 के बीच सरकार ने 54,858 किलोमीटर नेशनल हाईवेज बनाने के लिए 10,37,616.39 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में सरकार ने मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज (मोर्थ) के लिए करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया था। यह एक साल पहले के 2.7 लाख करोड़ रुपये के ऐलोकेशन से 2.8 फीसदी ज्यादा था।
