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Union Budget 2024-25: कृषि कर्ज का टारगेट बढ़ाकर 25 लाख करोड़ कर सकती हैं निर्मला सीतारमण

India Budget 2024: देश के अलग-अलग इलाकों में कृषि कर्ज का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। कुल कर्ज का आधा से ज्यादा हिस्सा दक्षिण के पांच राज्यों को डिस्बर्स किया गया था। उत्तर-पूर्व के 8 राज्यों को सबसे कम कर्ज मिला था। नाबार्ड और बैंक इस असमानता को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 08, 2024 पर 2:33 PM
Union Budget 2024-25: कृषि कर्ज का टारगेट बढ़ाकर 25 लाख करोड़ कर सकती हैं निर्मला सीतारमण
Budget 2024: सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में कृषि कर्ज के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था।

सरकार कृषि कर्ज का टारगेट बढ़ाने के बारे में सोच रही है। इसका ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को यूनियन बजट में कर सकती हैं। वह एग्रीकल्चर लोन के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती हैं। यह एक साल पहले के मुकाबले 25 फीसदी की वृद्धि होगी। एक सरकारी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ब्लॉक लेवल पर नाबार्ड की तरफ से किए पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान (पीएलसीपी) पर निर्भर करेगा। पीसीएलपी से रूरल इकोनॉमिक एक्टिविटीज की संभावनाओं के बारे में पता चलता है।

FY24 में टारगेट 20 लाख करोड़ रुपये

सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में कृषि कर्ज (Agriculture Credit) के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। बाद में यह बढ़कर 24.84 लाख करोड़ रुपये हो गया था। अधिकारी ने बताया, "क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों की पहचान करने के बाद कर्ज का टारगेट तय किया जाता है। यह काम नाबार्ड (NABARD) करता है। वह इस बारे में जानकारियां वित्त मंत्रालय के साथ शेयर करता है। इससे पता चलता है कि FY25 के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया जा सकता है। इस बारे में अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय लेगा।"

 कृषि गतिविधियों के अनुमान के आधारित है कर्ज का लक्ष्य

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