वित्त मंत्री पीयूष गोयल का पहला बजट। मौजूदा सरकार का आखिरी बजट। चुनाव से ठीक पहले का बजट। और वो भी अंतरिम बजट। वित्तमंत्री पीयूष गोयल के सामने चुनौती बड़ी थी। गांव, गरीब, किसान, जवान, मिडल क्लास और छोटे व्यापारियों को खुश करना और साथ साथ फिस्कल डिसिप्लिन यानी सरकारी घाटे को बेकाबू होने से बचाना। बजट भाषण सुनकर ऐसा लगता है कि वित्तमंत्री ने तलवार की धार पर चलने का कारनामा दिखा दिया है।
