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प्री बजट बैठकों के दौर में आज वित्त मंत्री की ट्रेड यूनियन के साथ बैठक

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ट्रेड यूनियन और देश के टॉप इंड्रस्ट्रियलिस्ट के साथ बैठक की।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 15, 2020 पर 1:20 PM
प्री बजट बैठकों के दौर में आज वित्त मंत्री की ट्रेड यूनियन के साथ बैठक

प्री बजट बैठकों के दौर में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ट्रेड यूनियन और देश के टॉप इंड्रस्ट्रियलिस्ट के साथ बैठक की। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने सरकार से रोजगार पर फोकस करने की बात भी कही गई। वहीं इंड्रस्टिलिस्ट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉस्ट ऑफ बिजनेस को लेकर वित्त मंत्री के सामने अपने सुझाव रखें। ट्रेड यूनियन ने वित्त मंत्री के साथ प्री बजट मीटिंग में पर्सनल इनकम टैक्स में 8 लाख रु तक कि आय पर टैक्स छूट की मांग की है। ये भी कहा गया है कि EPFO पेंशन होल्डर के लिए मिनिमम पेंशन की रकम 1000 रु से  बढ़ाकर 3 हज़ार की जाए और मिनिमम पेंशन में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी हो। इस बैठक में PSUs, ख़ासकर मुनाफे वाली कंपनियों में विनिवेश बंद करने की मांग की गई। ये भी मांग की गई कि Welfare Schemes मसलन आयुष्मान भारत, श्रम योगी मानधन योजना के लिए कानून बनाया जाए।

ट्रेड यूनियन की मांग है कि बैंक में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर चार्ज नहीं कटना चाहिए, जिन संगठनों में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा काम किया है उन्हें परमानेंट किया जाए।

टॉप इंड्रस्ट्रियलिस्ट के साथ वित्तमंत्री की बैठक भी आज ही हुई जिसमें मांग की गई कि उत्पादन लागत में कमी लाने के प्रयास किए जाएं। EODB, कॉस्ट ऑफ बिजनेस में सुधार के लिए कदम उछाए जाएं, MSMEs को जरूरी अप्रूवल लेने में 3 साल की छूट मिले, गुजरात के तर्ज पर MSMEs को छूट मिले, 3-5 साल के लिए एक्सपोर्ट पॉलिसी में स्टेबिलिटी रखी जाए। स्टेबिलिटी से एक्सपोर्टर्स सेक्टर में आसानी आएगी। MEIS की जगह नई स्कीम लाई जाए। इंडस्ट्री की पॉलिसी में स्थिरता लाने की भी मांग की गई।

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