फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले उद्योग और समाज के अन्य तबकों के प्रतिनिधियों के साथ सलाह-मशविरा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सीतारमण और वित्त मंत्रालय के कुछ अन्य अधिकारियों ने ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों समेत तमाम संबंधित पक्षों से कई दौर की बातचीत की है। इसका मकसद एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में अलग-अलग सेक्टरों और वर्गों के लिए रोडमैप तैयार करना है।
