पिछले 10 सालों में बजट के दिन इंडियन मार्केट के लिए मिला जुला रहा। BSE सेंसेक्स ने 5 साल में 0.48 से 1.76 फीसदी का रिटर्न दिया है। जबकि बांकी 5 सालों में 0.16 से 1.52 फीसदी की गिरावट देखी गई।

आइये जानते हैं कि पिछले 10 सालों में बाजार का कैसा रहा मूड

साल 2010 में यूनियन बजट को तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पेश किया था। BSE सेंसेक्स ने 26 फरवरी 2010 बजट के दिन 1.08 फीसदी का बेहतर रिटर्न दिया। जिसमें राजकोषीय घाटा (Fiscal deficit) 5.5 फीसदी रहा।


इसके बाद साल 2011 का बजट भी प्रणब मुखर्जी ने ही पेश किया। जिसमें BSE सेंसेक्स 0.69 फीसदी की बढ़त देखी गई।

UPA सरकार के दौरान प्रणब मुखर्जी का आखिरी बजट साल 2012 में रहा। इस दिन BSE सेंसेक्स में 1.19 फीसदी की गिरावट देखी गई।

साल 2013 में 28 फरवरी को तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट पेश किया। इस दिन BSE सेंसेक्स 1.52 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

चिदंबरम ने 17 फरवरी को 2014 में केंद्रीय बजट पेश किया था। जिसमें BSE सेंसेक्स 0.28 फीसदी की कमजोरी देखी गई और लगातार तीसरे बजट के दिन नुकसान दर्ज किया गया।

साल 2015 में जब केंद्र में NDA की सरकार आई तब तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया था। इस दिन BSE सेंसेक्स में 0.48 फीसदी की तेजी रही।

साल 2016 में जेटली ने 29 परवरी को संसद में बजट पेश किया था। इस दिन BSE सेंसेक्स में 0.66 फीसदी की गिरावट रही।

साल 2017 में भी अरुण जेटली ने ही बजट पेश किया था। इस दिन BSE सेंसेक्स में 1.76 फीसदी की तेजी देखी गई। जो कि 2010 से 2019 के बीच बजट के दिन की सबसे बड़ी तेजी थी।   

साल 2018 में, अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के रूप में पना आखिरी बजट पेश किया। इस दिन BSE सेंसेक्स में मामूली 0.16 फीसदी की गिरावट दिखी।

साल 2019 का बजट वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी 2019 को पेश किया था। इस दिन BSE सेंसेक्स में 0.59 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। 

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