अब बात सीएनबीसी-आवाज़ की खास पेशकश आसान है बजट की। हम अक्सर सुनते हैं सरकार को वित्तीय घाटा काबू में रखना चाहिए। आखिर क्या होता है वित्तीय घाटा आपको बताते हैं।
अब बात सीएनबीसी-आवाज़ की खास पेशकश आसान है बजट की। हम अक्सर सुनते हैं सरकार को वित्तीय घाटा काबू में रखना चाहिए। आखिर क्या होता है वित्तीय घाटा आपको बताते हैं।
जैसे हम और आप अपने खर्चों का हिसाब किताब रखते हैं वैसे ही सरकार के खर्चों का हिसाब किताब होता है बजट। सरकार का बजट हमें अक्सर सुनने में मुश्किल लगता है, तो चलिए सुलझा देते हैं आपकी ये मुश्किल। बजट के कुछ खास शब्दों से कराते हैं आपकी पहचान।
सबसे पहले वित्तीय घाटा, वो कहते हैं ना आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया जब ऐसी हालत खुद सरकार की आ जाती है तो ये फिस्कल डेफिसिट यानि वित्तीय घाटा कहलाता है। वित्तीय घाटा बजट खर्च का वो हिस्सा है जो कर्ज लेकर पूरा किया जाता है। जैसे आपके घर के बजट के लिए खर्चों पर कंट्रोल जरूरी है, ठीक वैसे ही इकोनॉमी में तेजी के लिए वित्तीय घाटे को काबू में रखना बेहद जरूरी है। अगर वित्तीय घाटा बढ़ता है तो सरकार और इकोनॉमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बजट को आसान भाषा में, आपके मतलब की बात के साथ लेकर आता है सीएनबीसी-आवाज़, 29 फरवरी को दिन भर रहिएगा हमारे साथ।
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