वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज आम बजट 2022 को लेकर अहम बात कही। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में सरकार का जोर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च पर बना रहेगा। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सीतारमण ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से आगे बढ़ी है, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.4 फीसदी रही है।
Omicron को लेकर सतर्क रहन की जरूरत
हालांकि, उन्होंने कहा कि हमें कोरोना वायरस के वैरिएंट Omicron को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम को देखते हुए Omicron भारत के लिए ‘खतरा’ नहीं है, लेकिन हमें वैरिएंट को एक चुनौती के रूप में देखना चाहिए और सावधान रहना चाहिए।
-क्रिप्टोकरंसी बिल पर सीतारमण ने कहा कि क्रिप्टो के क्षेत्र में घटनाक्रमों को लेकर अनियंत्रित अटलबाजी अच्छी नहीं है।
-बजट में घोषित डिसइन्वेस्टमेंट लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि सरकार हर स्टेक सेल्स पर प्रगति कर रही है, लेकिन ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में वक्त लगेगा।
-सीतारमण ने कहा कि इस साल बाढ़ और अन्य व्यावहारिक दिक्कतों के चलते आपूर्ति संबंधी बाधाएं बढ़ गईं, जिससे सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले सामानों की कीमतें बढ़ गईं।
-वित्त मंत्री ने कहा, भारत के आर्थिक विकास को लेकर रेटिंग एजेंसियों का रुख पॉजिटिव है। एसएंडपी रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमानों को बरकार रखा है।
-उन्होंने कहा कि एमएसएमई की जरूरत को पूरा करने के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी गारंटी स्कीम लाई गई है और छोटे कारोबारियों ने इस योजना का फायदा उठाया है।