Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के ये 5 ऐलान आपकी जिंदगी आसान बना देंगे

Budget 2023 : कोरोना की मार के बाद लोगों की जिंदगी पटरी पर लौट रही थी। लेकिन, तेजी से बढ़ती महंगाई ने फिर से लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट 2023 में लोगों को राहत देने के लिए बड़े उपाय कर सकती हैं

अपडेटेड Jan 22, 2023 पर 9:07 AM
Budget 2023: वित्तमंत्री इनकम टैक्स रेट्स में कमी कम कर सकती हैं। वह सैलरीड क्लास के लिए टैक्स स्लैब में भी संशोधन कर सकती हैं। बजट 2016-17 से टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है।

Budget 2023: कोरोना की मार के बाद लोगों की जिंदगी पटरी पर आने लगी थी। लेकिन, महंगाई, ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी के खतरे और फिर से कंपनियों में हो रही छंटनी ने लोगों की मुश्किल बढ़ी दी है। यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) लोगों को राहत देने का सरकार के लिए बड़ा मौका है। खासकर मिडिल क्लास का मानना है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण उनकी जिदंगी को आसान बनाने के लिए बजट में ऐलान करेंगी। इस उम्मीद कि एक वजह यह भी है कि यह केंद्र की मोदी सरकार का लोकसभा चुनावों से पहले आखिरी पूर्ण बजट है। अगले साल (2024) लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनावों के बाद केंद्र की नई सरकार फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करेगी। मिडिल क्लास की यूनियन बजट 2023 से उम्मीद बढ़ने की एक वजह यह भी है कि हाल में निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा था कि उन्हें मिडिल क्लास को पेश आने वाली चुनौतियां का अहसास है, क्योंकि वह खुद मिडिल कलास से आती हैं। हम आपको ऐसे 5 उम्मीदों के बारे में बता रहे हैं, जो मिडिल क्लास लोगों के दिमाग में सबसे ऊपर हैं।

  1. इनकम टैक्स से राहत वित्तमंत्री इनकम टैक्स रेट्स में कमी कम कर सकती हैं। वह सैलरीड क्लास के लिए टैक्स स्लैब में भी संशोधन कर सकती हैं। बजट 2016-17 से टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है। कुछ साल पहले सरकार ने सिर्फ इनकम टैक्स की नई रीजीम की शुरुआत की थी। सरकार नई रीजीम में 30 फीसदी टैक्स स्लैब को घटाने का ऐलान कर सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जा सकती है। अभी यह लिमिट 2.5 लाख रुपये है। इससे आम आदमी के हाथ में खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे।

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2. सीनियर सिटीजंस को राहत के उपाय


एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सीनियर सिटीजंस के लिए मिनिमम टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये की जा सकती है। अभी यह लिमिट 3 लाख रुपये है। ASSOCHAM ने बजट से पहले अपनी सिफारिश में कहा है, "80 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजंस की इनकम अगर 12.5 लाख रुपये तक है तो उन्हें टैक्स से छूट दी जानी चाहिए।"

3. इक्विटी एलटीसीजी पर नॉन-टैक्सेबल लिमिट

लिस्टेड कंपनियों के शेयरों को बेचने पर एक फाइनेंशियल ईयर में अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस एक लाख रुपये तक है तो उसे टैक्स से छूट हासिल है। 2004 से इस कैटेगरी को लॉन्ग टर्म कैपिटस गेंस से टैक्स छूट हासिल थी, क्योंकि इस पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) लागू था। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सरस्वती कस्तूरीरंगन ने कहा, "एसटीटी खत्म होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन रिटेल इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि 1 लाख रुपये के नॉन-टैक्सेबल लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपये की जा सकती है।"

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4. 400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान

निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में 400 सेमी-हाई-स्पीड नेक्स्ट जेनरेशन वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अगले तीन साल में ये ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बजट में उम्मीद है कि सरकार और 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने का ऐलान करेगी। सरकार का प्लान अभी चल रही राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार वाली ट्रेनों की जगह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें चलाने की है, जिनकी रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी।

5. पैन कार्ड के दायरे में विस्तार

यूनियन बजट 2023-24 में वित्त मंत्री पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) को सिंगल बिजनेस आइडेंटिफिकेशन का माध्यम बनाने के लिए कानून में संशोधन कर सकती हैं। इससे बिजनेस से जुड़े हर तरह का एप्रूवल हासिल करना आसान हो जाएगा। इससे कारोबार करने वाले लोगों को बहुत आसानी होगी। उन्हें आइडेंटिफिकेशन के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NEWS) को एक्सेस करने के लिए GSTIN, TIN और ईपीएफओ सहित 20 तरह के अलग-अलग आईडी की जरूरत पड़ेगी।

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