Get App

Union Budget 2024: एक्सपर्ट्स ने कहा, मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की जरूरत

Union Budget 2024: हर साल तकरीबन इसी वक्त कंपनियां अपने एंप्लॉयीज से टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट और खर्चों के लिए सबूत मांगती हैं, ताकि संबंधित वित्त वर्ष के लिए उनके टैक्स लाइबिलिटी का आकलन किया जा सके। अगर टैक्स छूट की बात करें, तो पुरानी टैक्स रिजीम में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों के लिए छूट का प्रावधान है। नई टैक्स रिजीम में ऐसी कोई छूट उपलब्ध नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 11, 2024 पर 5:30 PM
Union Budget 2024: एक्सपर्ट्स ने कहा, मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की जरूरत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेडिकल इनफ्लेशन काफी बढ़ गया है, लिहाजा सरकार छूट की सीमा बढ़ाने पर फिर से विचार कर सकती है।

Union Budget 2024: हर साल तकरीबन इसी वक्त कंपनियां अपने एंप्लॉयीज से टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट और खर्चों के लिए सबूत मांगती हैं, ताकि संबंधित वित्त वर्ष के लिए उनके टैक्स लाइबिलिटी का आकलन किया जा सके। अगर टैक्स छूट की बात करें, तो पुरानी टैक्स रिजीम में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों के लिए छूट का प्रावधान है। नई टैक्स रिजीम में ऐसी कोई छूट उपलब्ध नहीं है।

इनकम टैक्स के सेक्शन 80डी, 80डीडी और 80डीडीबी के मुताबिक, लोगों और हिंदू अविभाजित परिवारों को छूट की सुविधा उपलब्ध है। इन तीनों सेक्शन में सबसे कॉमन 80डी है। हम यहां बता रहे हैं कि इन सेक्शन किस तरह की छूट की मांग की जा सकती है:

सेक्शन 80डी (80D)

टैक्सपेयर खुद और परिवार (स्पाउज और बच्चे) के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और हेल्थ चेक-अप से जुड़े 25,000 रुपये तक के खर्च पर छूट क्लेम कर सकते हैं। प्रिवेंटिव हेल्थ चेक अप के लिए सीमा 5,000 रुपये है, जबकि बाकी सीमा 20,000 रुपये है। इसके अलावा, माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और प्रिवेंटिव हेल्थ चेक अप पर 25,000 रुपये के खर्च पर भी छूट मिल सकती है। अगर आपके माता-पिता या आप खुद वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा 50,000 रुपये तक हो सकती है। अगर वरिष्ठ नागरिकों के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो सेक्शन 80डी में 50,000 रुपये तक के मेडिकल खर्चों के लिए भी छूट का प्रावधान है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें