एक साथ कई लोन मैनेज करना काफी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर लोन की अलग ब्याज दरें, अलग ड्यू डेट और अलग रीपेमेंट शर्तें होती हैं. हर महीने कई पेमेंट को मैनेज करना न सिर्फ आपकी फाइनेंशियल स्थिति पर दबाव डालता है, बल्कि उन्हें ध्यान में रखना भी झंझट भरा हो जाता है.
