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US Fed Rate Hike: अमेरिकी में महंगा हुआ लोन! जुलाई 2023 के बाद से पहली बार बढ़ी ब्याज दर

US Fed Rate Hike: जब मई में डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अमेरिकी फेड का चेयरमैन चुना था तो उम्मीद रही होगी कि वह ब्याज दरों में कटौती करेंगे। हालांकि अब केविन वार्श की अगुवाई में जुलाई 2023 के बाद से पहली बार फेड ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं और आगे भी ऐसा करने का संकेत दिया है। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 17, 2026 पर 7:37 AM
US Fed Rate Hike: अमेरिकी में महंगा हुआ लोन! जुलाई 2023 के बाद से पहली बार बढ़ी ब्याज दर
US Fed Rate Hike: फेडरल रिजर्व के आर्थिक अनुमानों से संकेत मिल रहा है कि ब्याज दरों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है।

US Fed Rate Hike: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। जुलाई 2023 के बाद से पहले पहली बार फेडरल रिजर्व ने यह फैसला लिया है और केविन वार्श की चेयरमैनशिप में पहली बार इसे बढ़ाया गया है। सिर्फ यही नहीं, अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने महंगाई के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज करते हुए यह भी संकेत दिया कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) ने एकमत होकर फेडरल फंड रेट टारगेट रेंज 3.5-3.75% से बढ़ाकर 3.75-4% करने का फैसला किया है।

फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयरों में बढ़त बनी रही। S&P 500 में लगभग 0.4% और नैस्डैक कम्पोजिट में 0.8% की तेज़ी रही, जबकि डाऊ में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड लगभग 5 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.947% के आसपास आ गई।

कैसी है आर्थिक स्थिति?

महंगाई के आंकड़ों से यह संभावना बन गई थी कि मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होने वाली है और फाइनेंशियल मार्केट में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद पहले से ही थी। पश्चिमी एशिया में युद्ध के चलते कच्चा तेल प्रति बैरल $100 के पार चला गया, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि अमेरिकी आर्थिक गतिविधि और लेबर मार्केट मजबूत बने हुए हैं। फेड का कहना है कि आर्थिक गतिविधियां अच्छी रफ्तार से बढ़ रही है, घरेलू खर्च मजबूत बना हुआ है, प्रोडक्टिविटी में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है और कैपिटल इन्वेस्टमेंट भी मजबूत है। इसके अलावा वर्कफोर्स में बढ़ोतरी के साथ-साथ नौकरियों में भी बढ़ोतरी हुई है, जबकि बेरोजगारी दर में हल्का बदलाव हुआ है।

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