अमेरिका में ब्याज दर दुनिया में सबसे कम होनी चाहिए। ये बातें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अगली नीतिगत बैठक से कुछ दिनों पहले रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही। फेडरल बैंक के गवर्नर्स की बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका में मिडटर्म के इलेक्शंस में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं। इन चुनावों से यह तय होगा कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपने मामूली बहुमत को बनाए रख पाती है या नहीं। हाल ही में Reuters/Ipsos के पोल के मुताबिक ब्याज दरों में बढ़ोतरी से महंगाई और हर दिन इस्तेमाल वाली चीजों की कीमतों को लेकर वोटर्स की चिंताएं और बढ़ सकती हैं।
क्या कहना है Donald Trump का?
आयरिश ओपन गोल्फ टूर्नामेंट में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि फेड के पॉलिसी बनाने वाले इस हफ्ते होने वाली बैठक में ब्याज दरें बढ़ाएंगे या नहीं। हालांकि उन्होंने आग्रह किया कि महंगाई और अर्थव्यवस्था के बारे में फेडरल रिजर्व का डेटा कुछ भी कहे, अमेरिका में दुनिया में सबसे कम ब्याज दर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी भी और की तुलना में फॉर्मूलों के बारे में अधिक जानते हैं और दुनिया में सबसे अच्छी क्रेडिट स्थिति होने के बावजूद अमेरिका दूसरे देशों को अमीर बना रहा है। उनका दावा है कि फेड की ब्याज दरों ने अमेरिका की कीमत पर दूसरे देशों को फायदा पहुंचाया है।
बता दें कि ब्याज दरों को लेकर ट्रंप ने फेड के पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल की कई बार आलोचना की थी और अब जब उन्होंने फेड के चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श को चुना है तो शुरुआत में उनका सपोर्ट किया लेकिन अब उन्होंने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है। दो हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर ट्रंप ने लिखा था कि ब्याज दर कम करो, वरना जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, उनके साथ व्यापार करना बंद कर दिया जाएगा।
रविवार को ही फॉक्स न्यूज से नेशनल इकनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर केविन हैसेट (Kevin Hassett) ने कहा कि ब्याज दरों को लेकर कोई भी फैसला आए, ट्रंप फेड की स्वतंत्रता को सपोर्ट करते रहेंगे। हालांकि केविन ने यह भी कहा कि अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो ट्रंप को इससे खुशी नहीं होगी।
क्या है अमेरिका में महंगाई की स्थिति
अमेरिकी फेड की बैठक महंगाई के आंकड़े आने के कुछ ही दिनों बाद होने वाली है। अमेरिका के लेबर डिपार्टमेंट ने इसे शुक्रवार को जारी किया था जिसके मुताबिक अगस्त महीने में CPI (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) यानी खुदरा महंगाई की रफ्तार चार महीने में सबसे तेज रही। इससे इस बात के आसार बढ़े हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। बता दें कि महंगाई लगातार बने रहने के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में गिरावट आई है।