Coinbase के सीईओ ने कहा-हमें UPI का इस्तेमाल करने से रोका गया, जानिए क्या है पूरा मामला

Coinbase अमेरिका का एक्सचेंज है। यह अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैस्डेक में लिस्टेड है। इसने 7 अप्रैल को बेंगलुरु से इंडिया में अपनी सर्विस की शुरुआत की थी

अपडेटेड May 11, 2022 पर 10:02 AM
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COINBASE के सीईओ ने कहा है कि इंडिया एक खास मार्केट है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि सरकार क्रिप्टो को बैन नहीं कर सकती। लेकिन, सरकार में ऐसे लोग हैं, जो क्रिप्टो को लेकर पॉजिटिव नहीं हैं।

Coinbase ने कहा है कि उसे इंडिया में डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। कॉइनबेस के सीईओ ब्रियन आर्मस्ट्रॉन्ग ने यह शिकायत की है। Coinbase अमेरिका का एक्सचेंज है। यह अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैस्डेक में लिस्टेड है। इसने 7 अप्रैल को बेंगलुरु से इंडिया में अपनी सर्विस की शुरुआत की थी।

कॉइनबेस ने कहा है कि उसने इस साल 7 अप्रैल को बेंगलुरु में एक मेगा इवेंट में इंडिया में अपनी सर्विस की शुरुआत की थी। लेकिन, उसी रात नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि उसे किसी दूसरे क्रिप्टो एक्सचेंज के UPI का इस्तेमाल करने के बारे में जानकारी नहीं है। अब यह एक्सचेंज पेमेंट के दूसरे तरीके के साथ इंडिया में सर्विस देने का प्लान बना रहा है।

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आर्मस्ट्रॉन्ग ने कहा है, "लॉन्चिंग के कुछ ही दिन बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनौपचारिक दबाव के चलते हमने यूपीआई का इस्तेमाल बंद कर दिया।" उन्होंने कहा कि इंडिया एक खास मार्केट है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि सरकार क्रिप्टो बैन नहीं कर सकती। लेकिन, सरकार में ऐसे लोग हैं, जो क्रिप्टो को लेकर पॉजिटिव नहीं हैं। इनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस तरह इंडिया में क्रिप्टो पर एक तरह से 'Shadow Ban' (छद्म प्रतिबंध) दिखता है। ये लोग पर्दे के पीछे से ऐसे पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करने से रोकते हैं, जो यूपीआई से जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआई का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हो सकता है। लेकिन, हम आरबीआई के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और फिर से लॉन्चिंग पर फोकस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि ऐसे कई रास्ते हैं और दूसरे पेमेंट मेथड्स के साथ हम फिर से लॉन्च करने वाले हैं। और आगे यही रास्ता स्वाभाविक होगा। इसलिए मुझे उम्मीद है कि हम बहुत जल्द फिर से इंडिया में अपना ऑपरेशन शुरू कर देंगे।" उन्होंने कहा कि कॉइनबेस दूसरे देशों में भी अपने बिजनेस का विस्तार कर रही है।

चौथी तिमाही से कॉइनबेस की ट्रेडिंग वॉल्यूम में 44 फीसदी गिरावट आई है। पहली तिमाही में इस एक्सचेंज ने 1.17 डॉलर का रेवेन्यू कमाया था। हालांकि, इसे 43 करोड़ डॉलर का लॉस हुआ था। चौथी तिमाही में इसे 84 करोड़ डॉलर प्रॉफिट हुआ था।

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