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Patanjali Ayurved के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची Dabur India, च्यवनप्राश के एक एड पर बवाल

एड विभिन्न टीवी चैनलों पर चल रहा है और एक अखबार के दिल्ली एडिशन में भी छपा है। पतंजलि च्यवनप्राश, पतंजलि फूड्स के तहत आता है। यह एक लिस्टेड कंपनी है। Patanjali Ayurved की ओर से वरिष्ठ वकील जयंत मेहता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और मुकदमे की स्थिरता पर भी सवाल उठाया

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 25, 2024 पर 8:58 AM
Patanjali Ayurved के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची Dabur India, च्यवनप्राश के एक एड पर बवाल
दिल्ली हाई कोर्ट की जज मिनी पुष्करणा ने मामले में एक नोटिस जारी किया है।

FMCG क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया (Dabur India), बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है। डाबर ने आरोप लगाया है कि उसके च्यवनप्राश ब्रांड को निशाना बनाते हुए पतंजलि आयुर्वेद ने अपमानजनक विज्ञापन चलाया है। लीगल न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट की जज मिनी पुष्करणा ने मामले में एक नोटिस जारी किया है। साथ ही अंतरिम आदेशों पर विचार करने के लिए इसे जनवरी के अंतिम सप्ताह में सुनवाई के लिए लिस्ट किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि डाबर इंडिया ने पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ इमीडिएट रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर मांगे हैं। शुरुआत में जज ने मसले को हल करने के लिए मध्यस्थता का सुझाव दिया था, लेकिन डाबर की ओर से तत्काल राहत मांगे जाने के बाद मामले की सुनवाई करने का फैसला किया।

ऐसा क्या है पतंजलि के एड में

डाबर इंडिया के प्रतिनिधि अखिल सिब्बल ने कहा कि पतंजलि का विज्ञापन उपभोक्ताओं को गुमराह करता है, और यह दर्शाता है कि अन्य ब्रांड्स के पास च्यवनप्राश तैयार करने के ज्ञान या प्रामाणिकता का अभाव है। सिब्बल ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि च्यवनप्राश तैयार करने के लिए पहले से निर्धारित पैरामीटर मौजूद हैं, और 'साधारण' प्रोडक्ट होने का कोई भी आरोप डाबर जैसे कॉम्पिटीटर्स के लिए हानिकारक है। डाबर की च्यवनप्राश कैटेगरी में 61% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है।

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